यह पोत तेज गति से रखेगा तस्करी पर नजर

भारतीय तटरक्षक बल का तेज गति से गश्त करने वाले पोत आईसीजीएस कनकलता बरुआ को बुधवार को यहां गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर (जीआरएसई) में सेवा में शामिल किया गया। अधिकारियों के मुताबिक ईंधन किफायती पोत बहुउद्देशीय कार्यों जैसे गश्त, तस्करी और शिकार रोधी कार्यों और बचावों अभियानों के लिए कारगर साबित होगा।

By: Rabindra Rai

Published: 30 Sep 2020, 11:02 PM IST

कोलकाता. भारतीय तटरक्षक बल का तेज गति से गश्त करने वाले पोत आईसीजीएस कनकलता बरुआ को बुधवार को यहां गार्डनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर (जीआरएसई) में सेवा में शामिल किया गया। अधिकारियों के मुताबिक ईंधन किफायती पोत बहुउद्देशीय कार्यों जैसे गश्त, तस्करी और शिकार रोधी कार्यों और बचावों अभियानों के लिए कारगर साबित होगा। पोत को सेवा में शामिल करने का कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये किया गया और इसमें रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव जीवेश नंदन, भारतीय तटरक्षक बल और जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए जिनमें जीआरएसई के प्रबंध निदेशक रियर एडमिरल (अवकाश प्राप्त) वीके सक्सेना भी शामिल थे। आधिकारिक बयान के मुताबिक आईसीजीएस कनकलता बरुआ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जीआरएसई द्वारा भारतीय तटरक्षक बल के लिए निर्मित पांच त्वरित गश्ती पोतों (एफपीवी)में एक है जिसे नौ जून को सौंपा गया था। बयान में कहा गया कि एफवीपी मध्य श्रेणी के सतह पर चलने वाले पोत है जिनकी लंबाई 50 मीटर और चौड़ाई 7.5 मीटर है और वजन करीब 308 टन है।
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बचावों अभियानों के लिए कारगर
अधिकारी ने बताया कि यह शक्तिशाली और ईंधन किफायती पोत को बहुउद्देशीय कार्यों जैसे गश्त, तस्करी और शिकार रोधी कार्यों और बचावों अभियानों के लिए डिजाइन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पोत की अधिकतम गति 34 समुद्री मील है और 1500 समुद्री मील तक के इलाके की निगरानी कर सकता है। पोत में तीन इंजन लगे हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल की जरूरतों के अनुकूल जीआरएसई ने इसे पूरी तरह से स्वयं डिजाइन किया है।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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