टीटागढ़ शूटआउट: और 4 आरोपी गिरफ्तार

टीटागढ़ शूटआउट: और 4 आरोपी गिरफ्तार

Ashutosh Kumar Singh | Publish: Nov, 02 2018 09:37:15 PM (IST) | Updated: Nov, 02 2018 09:37:16 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

- तृणमूल नेता सतीश मिश्रा हत्याकांड में अब तक 8 शिकंजे में
- मिश्रा की क्यों हुई हत्या? अब भी पुलिस के पास जवाब नहीं

टीटागढ़

उत्तर 24 परगना जिले के टीटागढ़ शूटआउट काण्ड में पुलिस ने गुरुवार रात और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके नाम आजाद अली, मोहम्मद नईम, बलराम पासी और मुकेश राय है। शुक्रवार को सभी को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने छह दिनों के लिए सभी को हिरासत में भेज दिया। इस प्रकार मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढक़र 8 हो गई है। पहले भोला प्रसाद, अमरनाथ प्रसाद उर्फ काला मुन्ना, शेख समीर और संजय दास उर्फ राजू नामक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। समीर और संजय दोनों किराये के शूटर बताए गए हैं। पुलिस का दावा है कि मामले में गिरफ्तार कथित शूटरों से पूछताछ में उक्त चार लोगों के नाम सामने आए हैं। वारदात में उक्त सभी की संलिप्तता है। पुलिस ने मुकेश की निशानदेही पर एक देशी कट्टा भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार टीटागढ़ नगरपालिका के वार्ड नम्बर 21 के तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष सतीश मिश्रा की हत्या के षड्यंत्र में भोला प्रसाद और अमरनाथ प्रसाद के साथ उक्त सभी शामिल हैं। आजाद ने शेख समीर और संजय दास उर्फ राजू को शूटआउट की वारदात को अंजाम देने के लिए चुना था। गत सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे सतीश मिश्रा को गोली मारी गई थी। उसी रात कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। वारदात को हुए ५ दिन बीत गए। पुलिस ने अभी तक सतीश मिश्रा की हत्या के कारण का खुलासा नहीं किया है। वारदात के कारण पर पुलिस की चुप्पी टीटागढ़वासियों और विधायक अर्जुन सिंह और पार्षद मनीष शुक्ला के विरोधी खेमा के तृणमूल समर्थकों में संदेह पैदा करने लगा है। पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। आजाद अली, मोहम्मद नईम, बलराम पासी और मुकेश राय सभी टीटागढ़ के निवासी हैं। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार पिछले कई दिनों से पुलिस ने इन सभी को रोक रखा था। गुरुवार रात इनकी गिरफ्तारी दिखाई गई है। मृतक के परिजनों की ओर से एफआईआर नहीं दर्ज कराया जाना? मीडियाकर्मियों को उनसे मिलने पर रोके जाने को लेकर पहले से ही लोगों में संदेह पैदा कर रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई उनके संदेह को बल प्रदान कर रही है। लोग सोचने लगे हैं कि कहीं पुलिस सभी आरोपियों से जबरन जुर्म कबूलवाने का प्रयास तो नहीं कर रही है। शुक्रवार को पांचवें दिन भी बीटी रोड के किनारे स्थित वार्ड नम्बर 21 में सन्नाटा दिखा। वार्डवासियों ने इस साल काली पूजा नहीं करने का निर्णय किया है।

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