टीटागढ़ शूटआउट: शूटरों को पुलिस ने लिया रिमांड पर

टीटागढ़ शूटआउट: शूटरों को पुलिस ने लिया रिमांड पर

Ashutosh Kumar Singh | Publish: Nov, 01 2018 10:56:33 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

- वारदात की वजह पर पुलिस की चुप्पी से लोगों में पनपने लगा संदेह

टीटागढ़

उत्तर 24 परगना जिले के टीटागढ़ शूटआउट काण्ड में गिरफ्तार कथित शूटर शेख समीर और संजय दास उर्फ राजू को पुलिस ने गुरुवार को सात दिनों के लिए रिमाण्ड पर ले लिया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। घटना की रात ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। पहली पेशी के दौरान पुलिस ने रिमाण्ड की मांग नहीं की थी, इसलिए अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसे लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहा था। जांच की धीमी गति से तृणमूल कांग्रेस का एक गुट खुश तो एक गुट नाखुश नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार पुलिस टीआई परेड की प्रक्रिया की तैयारी में है। सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे टीटागढ़ नगरपालिका के 21 नम्बर वार्ड के तृणमूल अध्यक्ष सीतश मिश्रा को गोली मारी गई थी। देर रात कोलकाता के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी। घटना के ८४ घंटे बाद भी शूटआउट के कारण पर पर्दा पड़ा हुआ है। पुलिस अभी तक यह पता लगाने में नाकाम रही है कि साधारण परिवार के एक युवक सतीश ने ऐसा क्या किया था? जिसे लेकर मौत की नींद सुला दी गई। मिश्रा को सरेआम गोली मार दी गई। आरोप इलाके के बड़े ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भोला प्रसाद पर लगे हैं। कहा जा रहा है कि भाड़े के हत्यारों से वारदात को अंजाम दिलवाया गया है। टीटागढ़ की जनता यह जानना चाहती है कि मामूली सी नौकरी करने वाले सतीश ने ऐसा क्या किया था? जो भोला प्रसाद की आंखों का कांटा बन बया था? सतीश की हत्या के लिए भोला प्रसाद ने लाखों रुपए की सुपारी दी। मामले के कारण पर पुलिस की चुप्पी से लोगों को संदेह होने लगा है। सवाल है कि अब तक पुलिस को वारदात के कारण के बारे में पता क्यों नहीं चल पाया? या पुलिस सच को छुपाने का प्रयास कर रही है? कहीं वारदात के पीछे किसी और का हाथ तो नहीं है? कहीं जानबूझ कर इस वारदात का दोष भोला प्रसाद के मत्थे मढऩे की कोशिश तो नहीं की जा रही है? लोग इस तरह की बातों पर चर्चा करने लगे हैं। मृतक के परिजनों की ओर से एफआईआर नहीं दर्ज कराया जाना? मीडियाकर्मियों को उनसे मिलने पर रोके जाना लोगों के संदेह को और बढ़ा रहा है। घटना के चौथे दिन गुरुवार को भी वार्ड नम्बर २१ इलाके में सन्नाटा का माहौल दिखा।

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