-एसएसकेएम में ट्रॉली लाने में हुई देर, मरीज की मौत

-एसएसकेएम में ट्रॉली लाने में हुई देर, मरीज की मौत

Renu Singh | Updated: 22 Jul 2019, 02:28:34 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

-परिजनों ने ग्रुप डी कर्मी की कर दी पिटाई
-फोड़ दिया सिर

 

ट्रॉली लाने में देर होने से गुरुवार को एसएसकेएम अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए मरीज के परिजनों ने ग्रुप डी कर्मी को बुरी तरह से पीट दिया। मृतक का नाम नारायणचंद्र बागची है। हावड़ा के निवासी नारायणचंद्र को गंभीर हालत में एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। वहां परिजन अपातकाल विभाग में ले गए, पर ट्रॉली खाली नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि ग्रुप डी के कर्मचारी को ट्रॉली लाने को कहा, तो उसने इतना समय लगा दिया कि नारायणचंद्र बागची की मौत हो गई।जब ग्रुुप डी कर्मचारी ट्रॉली लेकर आया तो परिजनों ने मरीज की मौत सारा गुस्सा उस पर उतार दिया। परिजनों ने ग्रुप डी कर्मी को बुरी तरह से पीटा। कर्मचारी का सिर फ ट गया। अस्पताल के मेडिकल स्टाफ का दावा है कि अस्पताल लाने से पहले ही मरीज की मौत हो गई थी। जब वह ट्रॉली लेकर आया, तो परिजनों ने मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भवानीपुर पुलिस थाने को सूचना दी गई। घटनास्थल पर पुलिस ने पहुंचकर मृतक के परिवार के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मालूम हो कि गत १० जून को नीलरतन सरकार अस्पताल में एक मरीज के परिजनों ने ४ जूनियर डॉक्टरों को पीटा था, जिसमें एक को गंभीर रूप से चोट लगी थी। उस घटना के बाद लगभग एक सप्ताह तक राज्य के विभिन्न अस्पतालों में हड़ताल की गई थी। बाद में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। वहीं दूसरी ओर इस घटना के १ महीना भी नहीं हुआ कि फिर राज्य के बड़े अस्पताल एसएसकेएम में कर्मचारी को पीटने की घटना घट गई।

आपातकाल में ट्रॉलियों की संख्या 15-16

एसएसकेएम अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि अपातकाल में ट्रॉलियों की संख्या १५-१६ है। बताया जा रहा है कि ट्रॉली की संख्या कम नहीं है। अस्पताल में एक साथ १५ मरीज नहीं आते हैं पर कई बार ट्रॉली मरीजों के साथ ही फंसी रहती है। ऐसे में ट्राली मिलने में अधिक देर होने की कोई बात नहीं। मरीजों के लिए अस्पताल में ट्रॉली की व्यवस्था है।

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