बिना डरे मतदाता लोकतंत्र के पर्व में शरीक हो इसके लिए आलाअधिकारियों ने तैयार किया मंच


- अवकाश प्राप्त आईएएस, आपीएस, वकील व डाक्टरों ने मिलकर तैयार किया सचेतन नागरिक मंच
- कई मुद्दों को भी उठाया सामने

By: Vanita Jharkhandi

Published: 04 Apr 2021, 06:22 PM IST


कोलकाता
इस बार के चुनाव हिंसा और भय के वातारण के साथ नजर आ रहा है। रास्ते हो या हर कही लोग इस बार के चुनाव व राजनीतिक चर्चा करने से भी कतरा रहे है। ऐसे में मतदाताओं को लोकतन्त्र का सबसे बड़ा पर्व मनाने में भी भय का माहौल देखा जा रहा है। ऐसी सूरत में आमलोग अपने अधिकारों का इस्तेमाल करें । हर हाल में जाकर मतदान कर सकें इसके लिए अवकाश प्राप्त आईएएश, आईपीएस, वकील व डाक्टरों से मिलाकर एक मंच तैयार किया है। जिसका नाम सचेतन नागरिक मंच रखा गया है।

मंच में आवकाश प्राप्त अधिकार व विशिष्ट जन शामिल
इस मंच के अध्यक्ष पद पर है पूर्व आईएएस जो कि राज्य में अतिरिक्त मुख्य सचिव भी रह चुके राजपाल सिंह कहालो, सचिव के पद पर हाई कोर्ट कलकत्ता बार एसोशिएशन के सचिव धीराज त्रिवेदी सहित सदस्यों में अवकाश प्राप्त आईपीएस अधिकारी वासब कुमार तालुकतार सहित विशिष्ट डाक्टर व वकीलों इस मंच का प्रतिनिधत्व कर रहे है।

मंच का उद्देश्य
इस मंच का पहला उद्देश्य यह ही है कि लोग निर्भय होकर मतदान कर सके। किसी को न भय रहे और न ही प्रकार की कोई असुविधा हो। सभी आला पदों पर कार्य कर चुके है इसलिए कानून व व्यवस्था के बारे में अच्छी तरह से जानते है। इसिलए मंच से वे उन तमाम मुद्दों पर नजर रखेंगे जो चुनाव के दौरान हिंसा न फैला सके। बुर्जगों के लिए अलग से कतार हो। किसी मतदाताओं को रोका जाना या डराया जाना या फिर मारपीट जैसी घटनाएं होने पर कैसे उसका सामना किया जाए है। कोविड के माहौल में एक मतदाता से दूसरे लोगों के बीच एक तय दूरी होना आवश्यक है। मंच का कहना है कि चुनाव के दौरान राजनीति हत्याएं अधिक होती है। 2019 में नेशनल क्राइम रेकार्ड के अनुसार 47 हत्याएं हुई थी। ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए मंच सतत कार्य करते रहेंगा।

बंगाल की हालत पर चिन्तित
मंच इस बात पर चिन्ता व्यक्त करता है कि बंगाल में विकास नहीं है। वह पिछड़ता जा रहा है। रोजगार नहीं है। शिक्षा के लिए कभी अपनी पहचान रखने वाला बंगाल के युवा उच्च शिक्षा के लिए कोलकाता के बाहर ही जा रहे है। इसके अलावा सीएए मुद्दा, राजनीकि परिवेश के साथ ही कई सारी समस्या पर भी कार्य कर रहे है। इसके अलावा राज्य के आईपीएस, आईएएस अधिकारियों को जो कि अवकाश प्राप्त करने के बाद भी राज्य के बड़े पदों पर कार्य कर रहे है कही राजनीति माहौल में गड़बड़ी पैदा न हो सके। इसके अलावा किसी को भी किसी को कोई भी मदद की आवश्यकता हो तो हमारा मंच सदैव प्रस्तुत है।

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इऩका कहना है
लोकतंत्र को बनाए रखने में चुनाव एक मुख्य अंग है। सही मतदान ही लोकतन्त्र को बनाए रखने में सक्षम है। आम लोगों को अपने अधिकार से वंचित न रहना पड़े इसके लिए मंच तैयार किया गया है। इस बार मतदान में भय देखा जा रहा है। हमें उन्हें भय से मक्त करना चाहते है। जिला में भी कुछ हिंसक घटना घटती है तो हम उस पर भी पूरा ध्यान रख रहे है।

- वासब कुमार तालुकदार, उपाध्यक्ष, पूर्व आईपीएस अधिकारी

Vanita Jharkhandi Reporting
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