West Bengal Politics: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के गढ़ में तृणमूल ने मारी सेंध

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सामने आने के साथ ही भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक दूसरे के नेताओं और कार्यकर्चाओं के तोड़ने और खुद से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। दोनों दलों के दलबदलु नेताओं और कार्यकर्ता धरल्ले से दल से टूट कर दूसरे दल से जुड़ रहे हैं।

By: Manoj Singh

Published: 24 Sep 2020, 04:59 PM IST

खडक़पुर के चार भाजपा नेता तृणमूल में शामिल
कोलकाता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सामने आने के साथ ही भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक दूसरे के नेताओं और कार्यकर्चाओं के तोड़ने और खुद से जोड़ने की कवायद तेज कर दी है। दोनों दलों के दलबदलु नेताओं और कार्यकर्ता धरल्ले से दल से टूट कर दूसरे दल से जुड़ रहे हैं। इस क्रम में तृणमूल कांग्रेस ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के गढ़ में सेंध लगाई है। बुधवार को खडग़पुर के चार भाजपा नेता तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। खडग़पुर से तृणमूल कांग्रेस विधायक प्रदीप सरकार के नेतृत्व में भाजपा के चारों नेताओं ने कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में राज्य की स्वास्थ्य राज्य मंत्री और तृणमूल महिला कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रिमा भट्टाचार्य की मौजूदगी में भाजपा छोडक़र तृणमूल में शामिल हो गये। भाजपा से तृणमूल में शामिल होने वाले भाजपा नेता के नाम शैलेन्द्र सिंह सजल राय, अजय चट्टोपाध्याय और राजीव गुहा है। राजीव गुहा भाजपा प्रतिनिधि कमेटी का सदस्य थे, जबकि बाकी तीनों भाजपा के ट्रेड युनियन नेता थे। इन चारो नेताओं के भाजपा छोडक़र तृणमूल में शामिल होने से शहर की राजनितिक में हलचल बढ गई है। खडग़पुर के विधायक प्रदीप सरकार ने कहा कि ये चारो नेता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद दिलीप घोष के करीबी थे। ममता बनर्जी के विकास से प्रेरित होकर तृणमूल में शामिल हुए है। वहीं भाजपा के पश्चिम मेदिनीपुर जिला अध्यक्ष समित कुमार दास ने कहा कि उक्त चारो नेता पार्टी के साथ गद्दारी कर रहे थे। इन पर भ्रष्टाचार के आरोप है। भाजपा इन्हें जल्द ही निष्कासित करने वाली थी। इस लिए वे तृणमूल में जाकर शामिल हो गये।

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Manoj Singh Reporting
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