तृणमूल कांग्रेस वोट चोर का मास्टर - मुकुल राय

कहा, लोकतंत्र बहाल करने में विफल ममता बनर्जी की सरकार

 

By: Manoj Singh

Published: 29 Mar 2019, 10:30 PM IST

भाजपा के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रभारी मुकुल राय ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में वे तृणमूल कांग्रेस में थे और इन दिनों भारतीय जनता पार्टी की ओर से समूचा बंगाल का दौरा कर अपना पाप धोने के लिए लोकतंत्र कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। वे सभी तरह के वोटों की चोरी देखे हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस वोटों की चोरी नहीं करती है, बल्कि वह वोटों की डकैटी करती है।

कोलकाता

भाजपा के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रभारी मुकुल राय ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस को वोट चोरी करने का मास्टर करार दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र कायम करने में विफल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में वे तृणमूल कांग्रेस में थे और इन दिनों भारतीय जनता पार्टी की ओर से समूचा बंगाल का दौरा कर अपना पाप धोने के लिए लोकतंत्र कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। वे सभी तरह के वोटों की चोरी देखे हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस वोटों की चोरी नहीं करती है, बल्कि वह वोटों की डकैटी करती है। वे इससे चिन्तित है और वे समूचा बंगाल का दौरा कर रहे हैं। वे प्रदेश भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। एक कवाल के जवाब में मुकुल राय ने कहा कि उन्होंने बंगाल की सत्ता से माकपा नीत वाम मोर्चा को बेदखल कर लोकतंत्र स्थापित करने के लिए 34 साल संघर्ष किया। लेकिन राज्य की सत्ता में आने के बाद ममता बनर्जी लोकतंत्र कायम करने में विफल हो गई। पिछले पंचायत चुनाव में राजनीतिक हिंसा में 100 लोगों की मौत हुई थी। इस लिए वे लोकतंत्र कायम करने के लिए राज्य के कोना-कोना घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में निष्पक्ष और शान्तिपूर्ण लोकसभा चुनाव कराने का सुनिश्चित करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की चुनावी घोषणा पत्र जारी करने के दौरान देश के 543 लोकसभा सीट में से भाजपा को सिर्फ 135 सीट मिलने का दावा किया था। इसके जवाब में मुकुल राय ने कहा कि ममता बनर्जी मूर्खों के स्वर्ग में रहती है। उन्होंने बहुत सी किताबे लिखी हैं और उनकी किताबों के पढऩे से उनके सिद्धान्तों के बारे में जान जाएंगे। इस दौरान उन्होंने धर्मतल्ला में ममता बनर्जी के धरना मंच पर बैठे राज्य के पुलिस अधिकारियों की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि केके सिन्हा को पुलिस प्रवेक्षक पद से इस लिए हटा दिया गया, क्योंकि उन्होंने एक गैर राजनीतिक और सामाजिक संगठन आरएसएस संगठन के कार्यक्र में हिस्सा लिए थे। लेकिन कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजनीव कुमार को सारधा चिटफंड घोटाले के सबूत मिटाने के बारे में सीबीआई की ओर से पूछताछ करने के विरोध में धर्मतल्ला में जब ममता बनर्जी धरना पर बैठी तो उनके साथ राजीव कुमार के साथ राज्य के डीजीपी और अन्य पुलिस अधिकारी उनके साथ मंच पर बैठे थे। उक्त पुलिस अधिकारियों को कैसे चुनाव कार्य में लगाया जा सकता है।

Manoj Singh Reporting
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