बांग्लाभाषी पीएम की मांग उठाएगी तृणमूल कांग्रेस

शहीद दिवस पर देश भर में ममता के भाषण के प्रसारण की तैयारी, वर्चुअल माध्यम से होगा संबोधन, स्थानीय भाषा में होगा प्रसारण

By: MOHIT SHARMA

Published: 18 Jul 2021, 11:57 PM IST

कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में इस साल बड़ी जीत के बाद वर्ष 2024 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तृणमूल कांग्रेस 21 जुलाई को शहीद दिवस पर अपने सबसे बड़े वार्षिक कार्यक्रम के जरिए अलग-अलग राज्यों में विभिन्न भाषाओं में मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के भाषण का प्रसारण कर देशभर के लोगों तक पहुंचने की योजना बना रही है। जिसमें बांग्लाभाषी प्रधानमंत्री बनाने की मांग की जाएगी।
टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ममता के भाषण को पश्चिम बंगाल में बड़े पर्दों पर प्रसारित किया जाएगा। जबकि पहली बार तमिलनाडु, दिल्ली, पंजाब, त्रिपुरा, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे दूसरे राज्यों में भी इसका प्रसारण किया जाएगा। कोविड-19 महामारी के कारण ममता लगातार दूसरे साल वर्चुअल तरीके से लोगों को संबोधित करेंगी। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में भाषण बंगाली में जबकि अलग-अलग राज्यों में स्थानीय भाषाओं में अनुवादित भाषण प्रसारित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गढ़ गुजरात में भी कई जिलों में ममता के भाषण को बड़े पर्दे पर प्रसारित करने की योजना है। इसके बारे में लोगों को सूचित करने के लिए गुजराती में पुस्तिका वितरित करनी शुरू कर दी गई है।
तृणमूल कांग्रेस नेता के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भाजपा के अभियान की कमान संभाली थी। अब गुजरात और अन्य राज्यों में दीदी का संदेश फैलाने की हमारी बारी है। पार्टी उत्तर प्रदेश में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही। उत्तर प्रदेश में भी अगले साल चुनाव हैं।

मुकुल राय को मिला जिम्मा
मुख्यमंत्री के भतीजे और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने अन्य राज्यों में भी टीएमसी की पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया था। भाजपा से टीएमसी में लौटे मुकुल रॉय को देशभर में पार्टी की मौजूदगी बढ़ाने का जिम्मा सौंपा गया है।

चेन्नई में लगे पोस्टर
इधर तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री व अन्नाद्रमुक नेता जयललिता की तरह ममता को अम्मा बताते हुए चेन्नई में पोस्टर लगे हैं। टीएमसी दक्षिणी राज्यों में भी अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। ममता की 21 जुलाई के बाद नई दिल्ली कूच की योजना भी है जहां वे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल समेत अन्य शीर्ष विपक्षी नेताओं से मुलाकात करेंगी। उल्लेखनीय है कि टीएमसी 1993 में कोलकाता में युवा कांग्रेस की रैली में पुलिस फायरिंग में मारे गए 13 लोगों की याद में हर साल शहीद दिवस मनाती है।

MOHIT SHARMA
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