50 से अधिक नए चेहरों पर दांव लगाएगी तृणमूल- कट सकते हैं कई वरिष्ठ विधायकों के टिकट

- नाराज विधायक कर सकते हैं भाजपा की ओर रुख

By: Krishna Das Parth

Published: 03 Mar 2021, 01:23 PM IST

कृष्णदास पार्थ
कोलकाता. कई कारणों से तृणमूल कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में 50 से अधिक नए चेहरे को मैदान में उतार सकती है। इस प्रक्रिया में पार्टी की चुनाव समिति लगी हुई है। नए चेहरे की सूची भी लगभग बना ली गई है। माना जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ विधायकों के टिकट कटेंगे। जो अस्वस्थ विधायक हैं उनका टिकट तो वैसे भी कटनेवाला है, लेकिन जो पार्टी की नजर में संदिग्ध हैं या अंदर ही अंदर भाजपा से सांठगांठ बनाए हुए हैं उनके भी टिकट कटेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने बैठक में इस सिलसिले में साफ संकेत दे दिया है। उन्होंने यह तक कह दिया है कि जिनको अभी जहां जाना है वे चले जाएं। पार्टी में रहकर दगाबाजी करना वह बर्दाश्त नहीं करेंगी।
तृणमूल प्रमुख ने नई चुनाव समिति का गठन किया है। कमेटी की मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पर बैठक हुई। बैठक सूत्रों के अनुसार, इस बार उम्मीदवार की सूची में अनुभवी के साथ नए लोगों का मिश्रण होगा। वर्तमान में तृणमूल विधायकों की संख्या 207 है। सूत्र बताते हैं इन सभी विधायकों को टिकट नहीं दिया जाएगा। बैठक के बाद सांसद सौगत रॉय ने कहा कि बैठक में पार्टी की चयन समिति ने क्या निर्णय लिया है, इसको हम सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं।
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इन विधायकों की उम्र 80 से अधिक
सिंगूर के विधायक रवींद्रनाथ भट्टाचार्य, शिवपुर के विधायक जाटू लाहिड़ी, बसंती के विधायक गोविंदा नस्कर और हावड़ा दक्षिण के विधायक ब्रजमोहन मजूमदार समेत कई वरिष्ठ विधायक हैं। जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है। इसलिए नेतृत्व का मानना है कि पुराने विधायकों के साथ नए लोगों को भी मौका दिया जाना चाहिए।
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बगावत और स्वास्थ्य को लेकर फैसला संभव
तृणमूल अपने एक वरिष्ठ विधायक व चर्चित मंत्री को टिकट देने से हिचक रही है। माना जा रहा है कि टिकट नहीं देने पर वह हैवीवेट विधायक खुलकर बगावत कर देंगे। इस स्थिति में पार्टी फिलहाल निर्णय लेने से हिचक रही है। विधायक के करीबियों का कहना है कि यदि पार्टी दादा को टिकट नहीं देती है, तो हम दादा को एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारेंगे। हाल ही में ऊर्जा मंत्री शोभनदेव चटर्जी कोरोना से पीडि़त हुए थे। वे रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र से फिर उम्मीदवार बनना चाहते हैं। उनके स्वास्थ्य को देखते हुए पार्टी निर्णय ले सकती है। पूर्व मंत्री और बर्दवान दक्षिण से विधायक रवि रंजन चटर्जी पहले ही ममता को पत्र देकर मना कर चुके हैं कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेगे।

Krishna Das Parth Desk
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