काले धन को सफेद करने की कोशिश शुरु, रेलवे टिकट की बिक्री बढ़ी

केन्द्र सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपए के नोट को रद्द किए जाने की खबर मिलते ही  रेलवे टिकट बुकिंग के जरिए काले धन को सफेद करने की कोशिश शुरू हो गई

By: शंकर शर्मा

Published: 10 Nov 2016, 11:42 PM IST


कोलकाता. केन्द्र सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपए के नोट को रद्द किए जाने की खबर मिलते ही  रेलवे टिकट बुकिंग के जरिए काले धन को सफेद करने की कोशिश शुरू हो गई। जवाब में रेलवे ने इस पर रोक कीे रणनीति अपनाई है। बेंगलुरू, दिल्ली और मुम्बई की तरह पूर्व रेलवे ने कोलकाता के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से हो रहे टिकट बुकिंग पर पैनी नजर रख रही है।


पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रवि महापात्र ने बताया कि सियालदह और हावड़ा रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर के साथ ही महानगर के टिकट काउंटर पर होने वाले टिकट बुकिंग पर पूर्व रेलवे कड़ी निगरानी रखा रहा है। रलवे को इसकी भनक उस समय लगी जब पिछले दो दिन में पश्चिम रेलवे के वेटिंग लिस्ट के टिकट की बूकिंग में 25 प्रतिशत वृद्धि पाई गई। इसके बाद रेल मंत्रालय सक्रिय हो गया। रेलवे टिकट बुकिंग में काले धन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के क्रम में पूर्व रेलवे और दक्षिण पूर्व रेलवे ने भी अपेन टिकट खिड़की पर निगरानी तेज कर दी।

महापात्रा ने बताया कि प्रत्येक दो घंटा पर यह पता लगाया जा रहा है कि सियालदह और हावड़ा सहित महानगर के किस टिकट खिड़की पर कितने टिकट की बुङ्क्षकग हुई। रेल टिकट रद्द करने पर रेलवे ने उनके पैसे ग्राहक के बैंक खाते में देेने का फैसला किया है। पश्चिम रेलवे ने शुक्रवार तक वेटिंग टिकट नहीं देने का निर्णय किया है।
शंकर शर्मा
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