ऐतिहासिक ट्राम के भविष्य पर छाए अनिश्चितता के बादल

- मात्र 8 रूटों पर ही चल रही है ट्राम

By: VANITAI JHARKHAND

Published: 25 Apr 2018, 03:47 PM IST

- सिर्फ 14 किलोमीटर तक ही रह गया ट्राम का रास्ता

कोलकाता . महानगर की विरासती ट्राम सेवा में सैर करना अपने आप में अलग अनुभूति प्रदान करने वाला है। पयर्टकों के लिए इसका आकर्षण हमेशा से रहा है वहीं आम लोगों के लिए भी इसका सफर राहत प्रदान करने वाला है। लेकिन जिस तेजी से ट्राम के रूट बंद हो रहे हैं उससे इस प्रदूषणविहीन यातायात के साधन के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराते दिख रहे हैं।
अब बचे हैं सिर्फ 8 रूट

2011 में ट्राम के ३७ रूट थे जो कि अब कम होते होते 8 हो गए हैं। उस दौरान महानगर में ट्राम का ट्रेक 61 किलोमीटर लम्बा था वह अब कम होकर 14 किलोमीटर रह गई है।
सिमटने का कारण

महानगर में प्रदूषण कम करने के लिए बिजली चालित बसें चलाए जाने निर्णय लिया है। नोनापुकुर ट्राम डिपो और गरियाहाट ट्राम डिपो में इन बसों का चार्जिंग प्वाइंट बनाया जाएगा। बेलगछिया से चार रूट पर चलने वाली ट्राम बंद कर दी गई हैं क्यों ब्रिज के ऊपर से ट्राम लाइन हटा दी जा रही है इसलिए यह सारी रुट ही बन्द कर दी गई है। राजाबाजार डिपो से ६ रूट के लिए ट्रामें चलती थीं, अब रूटों की संख्या 3 हो गई है। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के काम के कारण एस्प्लानेड रूट की ट्राम सेवा पर भी असर पड़ा था।
ट्राम का भविष्य ही खतरे में

ट्राम की आवाजाही कम होने, रूट बन्द होने से ट्राम कम्पनी के कर्मचारियों के पास काम नहीं है। एक कर्मचारी ने बताया कि ट्राम के चक्के में स्पात लगाना पड़ता है। जिसकी मियाद 5-6 महीने है। गत तीन सालों से इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।
परिवहन मंत्री का कहना है कि ट्राम के भविष्य को लेकर किसी प्रकार की चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। ट्राम को किसी प्रकार से भी बन्द नहीं किया जा रहा। ट्राम डिपो में बहुत जगह होने के कारण विद्युत चालित बसों के लिए उसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

 

 

VANITAI JHARKHAND
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