संयुक्त मोर्चा की सभा: कांग्रेस, वामदल और आईएसएफ ने किया ब्रिगेड में शक्ति पर्दशन

मंच पर कांग्रेस और आईएसएफ का विवाद आया सामने
-सभा मंच छोड़ कर जाने लगे थे अधीर रंजन
-वाममोर्चा के नेताओं के मनाने पर दिए भाषण
- त्रिशंकु विधानसभा होने पर तृणमूल और भाजपा आपस में मिल जाएंगी : येचुरी

By: Krishna Das Parth

Published: 28 Feb 2021, 10:51 PM IST

कोलकाता.
पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ बने कांग्रेस, वामदल और इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के संयुक्त मोर्चा बनने के साथ ही विवाद शुरू गया। रविवार को ब्रिगेड सभा के दौरान कांग्रेस और आईएसएफ की तकरार खुलकर सामने आ गई।
विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद कांग्रेस, वामदल और आईएसएफ की पहली ब्रिगेड सभा थी। ब्रिगेड में बड़ी संख्या में कांग्रेस, वामदल और आईएसएफ समर्थक उमड़े थे। समर्थकों की उपस्थिति से सभी नेता उत्साहित थे, लेकिन सभा का अंत होते-होते कांग्रेस और आईएसएफ की रार ने पूरा माहौल बिगाड़ दिया।
कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भाषण दे रहे थे। उसी समय आईएसएफ नेता अब्बास सिद्दिकी मंच पर उठे और वामपंथी नेता उनका स्वागत करने में जुट गए। इससे नाराज अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वह वक्तव्य नहीं रखेंगे और मंच छोड़ कर जाने लगे। वहां उपस्थित विमान बसु और वामपंथी नेताओं ने अधीर को मनाना शुरू किया और बहुत मनाने के बाद अंतत: वह राजी हुए और फिर भाषण देना शुरू किया। लेकिन, उनकी नाराजगी कम नहीं हुई।
अब्बास सिद्दिकी ने कांग्रेस से 12 सीट की मांग की है, लेकिन इस नाराजगी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए सिद्दिकी को कहा कि आप 12 क्या 30 सीट ले लें। यह सुनकर सिद्दिकी भी चुप नहीं रहे, उन्होंने कहा कि वे अपना अधिकार चाहते हैं। किसी ने भिक्षा नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपना अधिकार लेकर रहेंगे।
अब्बास सिद्दिकी जब मंच पर भाषण देने उठे, तो उन्होंने वामपंथी नेताओं की जमकर प्रशंसा की, लेकिन कांग्रेस की अवहेलना की। सिद्दिकी ने साफ कर दिया कि वामपंथी पार्टियों के साथ उनका सीट समझौता हो गया है।
रविवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में लाखों की भीड़ जुटाकर वाममोर्चा, कांग्रेस और आईएसएफ ने न सिर्फ अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन किया बल्कि एकजुटता दिखाकर यह संदेश भी देने की कोशिश की कि उनका भी जनाधार है। गठबंधन में शामिल सभी दलों के नेताओं ने अपने भाषण में केंद्र की मोदी से लेकर बंगाल की ममता सरकार पर जोरदार निशाना साधा और बंगाल में नए परिवर्तन का नारा दिया। वाममोर्चा के चेयरमैन विमान बोस ने कहा-'ब्रिगेड में ऐसी रैली पहले कभी नहीं हुई। आज से एक तरफ तृणमूल और भाजपा है और दूसरी तरफ हम सब।'
माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि हमें लोगों के पास जाना होगा और उनकी बातें सुननी होगी। जनता क्या चाहती है, यह जानना बहुत जरूरी है। भाकपा की राज्य कमेटी के सचिव स्वपन बनर्जी ने कहा कि तृणमूल और भाजपा जैसी फांसीवादी ताकतों के विकल्प के तौर पर हमें उभरना होगा। आरएसपी के मनोज भट्टाचार्य ने कहा कि केंद्र व राज्य में फांसीवादी सरकार चल रही है। लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है। यहां हिंदू-हिंदी-हिंदुस्तान नहीं चलेगा। नागपुर के इशारे पर भाजपा की सरकार चल रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बंगाल में यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि विधानसभा चुनाव में मुकाबला केवल तृणमूल और भाजपा में है, लेकिन इस रैली में उमड़ी भारी भीड़ साबित कर रही है कि इस लड़ाई में गठबंधन भी शामिल है। आने वाले दिनों में बंगाल में तृणमूल और भाजपा नहीं रहेगी बल्कि हमारा गठबंधन रहेगा। इस गठबंधन का उद्देश सांप्रदायिक दल भाजपा को बंगाल आने से रोकना है और यहां तृणमूल के निरंकुश शासन को खत्म करना है। 2021 में बंगाल में एक और परिवर्तन होने वाला है। चौधरी ने आगे कहा कि मोदी और दीदी का राजनीतिक डीएनए एक ही है।
पीरजादा और आईएसएस के प्रमुख अब्बास सिद्दीकी ने कहा कि ममता के अत्याचार से बंगाल की जनता त्रस्त हो चुकी है, लेकिन अब उससे डरने की जरूरत नहीं है। हमें मिलकर तृणमूल को बंगाल से भगाना है और यहां लोकतंत्र की स्थापना करनी है।'
माकपा के अखिल भारतीय सचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर यह निश्चित है कि बंगाल में परिवर्तन आने वाला है। किसान दिल्ली में मोदी सरकार से लड़ रहे हैं और हमारा गठबंधन यहां तृणमूल और भाजपा से लड़ेगा। भाजपा और तृणमूल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। बंगाल में लूटपाट और जात-पात वाली नहीं बल्कि जनहित वाली सरकार चाहिए।
येचुरी ने यह भी दावा किया कि बंगाल में त्रिशंकु विधानसभा होने पर तृणमूल और भाजपा आपस में मिल जाएंगी। अतीत में दोनों कई बार ऐसा कर चुके हैं। भाजपा के महासचिव डी राजा ने कहा कि यह विशाल रैली देश को बचाने के लिए और भाजपा और तृणमूल को हटाने के लिए बंगाल की जनता का शक्ति प्रदर्शन है।

Krishna Das Parth Desk
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