बंगाल में हिंसा: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी

विधानसभा चुनाव बाद जारी राजनीतिक हिंसा का मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट में पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से हिंसा पर रिपोर्ट मांगी। इस रिपोर्ट में हिंसा वाली जगह का जिक्र और हिंसा में मारे गए लोगों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही हाईकोर्ट तय करेगा कि इसकी एसआईटी जांच होगी या नहीं?

By: Rabindra Rai

Published: 07 May 2021, 04:58 PM IST

रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि मामले की एसआईटी जांच होगी या नहीं
केंद्रीय टीम ने राज्यपाल से राजभवन में की मुलाकात
कोलकाता. विधानसभा चुनाव बाद जारी राजनीतिक हिंसा का मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट में पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से हिंसा पर रिपोर्ट मांगी। इस रिपोर्ट में हिंसा वाली जगह का जिक्र और हिंसा में मारे गए लोगों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर ही हाईकोर्ट तय करेगा कि इसकी एसआईटी जांच होगी या नहीं? मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर राज्य में कानून व व्यवस्था की स्थिति पर राज्यपाल से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित केंद्र्रीय गृह मंत्रालय के चार सदस्यीय टीम ने शुक्रवार सुबह राजभवन में राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव गोविंद मोहन के नेतृत्व में 4 सदस्यीय टीम करीब एक घंटे तक राज्यपाल के साथ रही।
मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में गठित यह चार सदस्यीय दल गुरुवार को कोलकाता पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक, दल के सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात से पहले राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से सचिवालय में गुरुवार को मुलाकात की थी।
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टीम ने हिंसा प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना जिले के हिंसा प्रभावित सतगछिया का जायजा लिया। इससे पहले टीम ने दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों का दौरा किया था और पीडि़त परिवारों तथा स्थानीय लोगों से मुलाकात की थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव बाद हुई हिंसा में राज्य के विभिन्न हिस्सों में 16 लोगों की जान गई है। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित लोगों ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की है, उसकी महिला सदस्यों पर हमले किए, घरों में तोडफ़ोड़ की और दुकानों को लूट लिया। हालांकि ममता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि जिन क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं हुई हैं वहां चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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