प. बंगाल: जब राज्यपाल ने भीड़ से मंत्री को बचाया

प. बंगाल: जब राज्यपाल ने भीड़ से मंत्री को बचाया
प. बंगाल: जब राज्यपाल ने भीड़ से मंत्री को बचाया

Rabindra Rai | Updated: 19 Sep 2019, 10:50:55 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

Kolkata का जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर Violence का गवाह बना। Left Student Organization की ओर से केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो का घेराव किए जाने को लेकर परिसर Battlefield बन गया।

कोलकाता
एक बार फिर देश की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता का जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर हिंसा का गवाह बना। वामपंथी छात्र संगठन की ओर से केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो का घेराव किए जाने को लेकर परिसर रणक्षेत्र बन गया। गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित एक परिचर्चा में केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के पहुंचने को लेकर हंगामा हुआ। जादवपुर में छात्र संगठन रैडिकल ने खुलेआम मंत्री का विरोध किया। गो बैक के नारे लगाए, उनके साथ धक्का मुक्की की व उन्हें धकेला। इसी के विरोध में वहां अभाविप समर्थक पहुंच गए व विश्वविद्यालय के यूनियन रूम में तोडफ़ोड़ कर आगजनी कर दी। शाम 8 बजे के वक्त परिसर में हाल यह था कि गेट नं 3 व गेट 4 दोनो में अलग अलग पार्टियों के छात्र समर्थक वहां उपस्थित थे। मंत्री पर माफी मांगने का दबाव था। चारों ओर सिर्फ हिंसा का नजारा था। आखिरकार राज्यपाल जगदीप धनखड़ मौके पर पहुंचे तथा पुलिस की मदद से भीड़ से मंत्री बाबुल को निकाला और अपनी कार से सुरक्षित बाहर निकाला।
--
6 घंटे चला बवाल
केन्द्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो व वहां छात्रों के बीच विवाद के कारण 6 घंटे तक संस्थान में गतिरोध चला। समयानुसार २ बजे ही बाबुल वहां परिचर्चा में प्रधान अतिथि के रूप में वक्तव्य रखने वाले थे। लगभग २.४५ बजे से यह हंगामा शुरू हो गया व लगभग ६ घंटे बाद वहां से राज्यपाल बाबुल सुप्रियो को अपनी कार में बैठाकर रात ८.२० बजे निकले। इस घटना को लेकर छात्रों ने मांग की कि मंत्री को यहां वातावरण खराब करने के लिए माफी मांगनी होगी।
--
माफी मांगने को कहा
केन्द्रीय की खबर सुनकर कुलपति सुरंजन दास जब मौके पर पहुंचे तब बाबुल सुप्रियो के साथ उनका विवाद हुआ। फिर राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद बाबुल सुप्रियो को कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिला। उन्होंने पूरी घटना के बारे में छात्रों को बताया और विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद जब बाबुल निकलने लगे तब आंदोलनकारी छात्रों ने उन्हें घेर लिया। वे माफी मांगने की मांग करने लगे।
--
राज्यपाल की गाड़ी को घेरा, मुक्का मारे
इसकी खबर पाकर राज्यपाल स्वयं विश्वविद्यालय पहुंचे। उन्होंने बाबुल सुप्रियो को अपनी गाड़ी में बिठा लिया। तब आंदोलनकारी छात्रों ने राज्यपाल की गाड़ी घेर लिया। उनकी गाड़ी पर मुक्का मारे। नारेबाजी की। लगभग एक घंटे से अधिक देर तक राज्यपाल की गाड़ी को घेर कर रखा। फिर पुलिस हस्तक्षेप के बाद राज्यपाल की गाड़ी वहां से निकली।
--
फिर परिसर में हुआ हंगामा
जादवपुर विश्वविद्यालय में फिर छात्रों के हंगामे के चलते विकराल रूप ले लिया। मालूम हो कि इसके पहले भी एक विशेष फिल्म की स्क्रीनिंग जादवपुर विश्वविद्यालय में होनी थी, पर उसके फिल्म निर्देशक को अनुमति नहीं दी गई। जेयू के छात्रों ने चरम विरोध किया था व निर्देशक को काले झंडे दिखाकर गो बैक कहा था।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned