बंगाल में तूफान से 1.36 करोड़ प्रभावित, 10 लाख घरों को नुकसान, 86 मरे

चक्रवाती तूफान अम्फान को गुजरे 72 घंटे होने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल (West Bengal) सरकार के पास इससे हुए नुकसान का ब्योरा आना शुरू हुआ है। अभी तक मिली जानकारी बताती है कि तूफान से राज्य के 1.36 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं।

By: Paritosh Dube

Updated: 23 May 2020, 02:17 PM IST

कोलकाता.
महाप्रलंयकारी चक्रवाती तूफान अम्फान से हुई बर्बादी के ब्योरे पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के पास आने शुरू हुए हैं। प्राथमिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 1.36 करोड़ लोग तूफान की विभीषिका से प्रभावित हुए हैं। 10.50 लाख घरों को नुकसान पहुंचा है। 86 जनों की मौत हुई है। कोलकाता में 19 जने मारे गए हैं। राज्य के 384 ब्लॉक, स्थानीय निकाय तूफान से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने 6.18 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा है। 5136 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। 1500 सामुदायिक रसोइयां चालू की गई हैं।
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बंगाल में तूफान से 1.36 करोड़ प्रभावित, 10 लाख घरों को नुकसान, 86 मरे

पानी निकलना शुरू
कई इलाकों में पिछले 72 घंटो ंसे जमा पानी निकलना शुरू हो गया है लेकिन अभी भी निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। शनिवार की सुबह तक जलजमाव से मुक्ति पाने की संभावना जताई जा रही है। गंदे पानी की बू से लोग परेशान हैं। जहां पानी उतरा है वहां संक्रमण की आशंका है। कई इलाकों में सेनिटाइजेशन की प्रक्रिया की आवश्यक्ता है। निकाय इस तरफ हरकत में आए नहीं दिख रहे हैं।
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उखड़े पेड़ अभी भी चुनौती
महानगर कोलकाता समेत कई जिलों में तूफान के कारण उखड़े पेड़ अभी भी सडक़ों पर हैं। मुख्य सडक़ों पर पड़े पेड़ों को हटाने के काम में गति आई है लेकिन भीतरी इलाकों में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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बिजली- पानी पर हायतौबा
72 घंटों से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कई इलाकों में बिजली -पानी नदारद रहने से लोगों का गुस्सा भडक़ उठा है। कोलकाता, उत्तर 24 परगना समेत कई जिलों में लोग सडक़ों पर उतरकर आवश्यक सेवाओ ंकी बहाली की मांग कर रहे हैं। कहीं- कहीं प्रशासन के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प की भी खबरें आ रही हैं।
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प्रशासक ने मांगा सात दिनों का समय
कोलकाता नगर निगम के प्रशासक व नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने महानगर की स्थिति सामान्य करने के लिए सात दिन का समय मांगा है। उनके मुताबिक रास्तों पर गिरे पेड़ सबसे ज्यादा चुनौती बने हुए हैं। पेड़ हटाने वाले श्रमिकों का अभाव है।
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एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय
राज्य के सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कई टीमें लगी हुई हैं। गिरे पेड़, बिजली के खंभे हटाने रास्ते खोलने का काम कर रही हैं। कोलकाता पुलिस का आपदा नियंत्रण दस्ता भी महानगर को सामान्य बनाने के काम में लगा हुआ है।

Paritosh Dube Desk
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