West Bengal:बैंकों ने सख्त किए ऋण के नियम, जूट मिल मालिक परेशान

  • कार्यशील पूंजी की कमी के कारण पश्चिम बंगाल में जूट उद्योग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों ने इस क्षेत्र के लिए ऋण के मानकों को और सख्त कर दिया है। बैंक ऋण के लिए कर्जदाता मिलों के मालिकों से जमीन के ताजा कागजात मांग रहे हैं...

कोलकाता

कार्यशील पूंजी की कमी के कारण पश्चिम बंगाल में जूट उद्योग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों ने इस क्षेत्र के लिए ऋण के मानकों को और सख्त कर दिया है। बैंक ऋण के लिए कर्जदाता मिलों के मालिकों से जमीन के ताजा कागजात मांग रहे हैं। उद्योग के सूत्रों के अनुसार मौजूदा समय में तीन बड़ी जूट मिलें कार्यशील पूंजी की कमी के कारण बंद हैं

एक जूट मिल के मालिक ने कहा कि बैंकिंग ऋण की कमी ने राज्य में कई जूट मिलों को प्रभावित किया है। मिल मालिकों को अपने व्यवसाय चलाने के लिए पर्याप्त ऋण नहीं मिल रहा है। बैंकों ने ऋण के मानदंडों को अधिक सख्त कर दिया है।
उत्तर 24 परगना जिले के श्यामनगर में वेवर्ली जूट मिल कार्यशील पूंजी के अभाव में बंद हो गई है। शुक्रवार को मिल में कार्यस्थगन का नोटिस लगाया गया था। इसको लेकर कर्मचारियों ने कथित तौर पर मिल के कार्यालय में तोडफ़ोड़ की थी। दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।

उद्योग जगत के सूत्रों ने कहा कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कथित धोखाधड़ी के बाद बैंक सतर्क हो गए हैं। वे ऋण मंजूर करने से पहले स्पष्ट जमीन के कागजात मांग रहे हैं।

भारतीय जूट मिल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राघवेंद्र गुप्ता ने कहा कि बैंकों ने ऋण को लेकर नियम सख्त किए हैं। यह हमारे लिए एक चुनौती है।

Ashutosh Kumar Singh Reporting
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