CORONA ALERT{ कोरोना से जन्ग मे खुली तमाम सरकारी इन्तजमात की पोल

WEST BENGAL CORONA ALERT-देर रात से आज सुबह तक जमीन पर कराहते रही बुजुर्ग महिला, पास ही केएमसी के प्राइमरी हेल्थ सेन्टर मे लटका ताला , किसी ने भी नही ली सुध, दिव्यांग बेटे ने एनआरएस ले जा दिखाया ङाकटरो को दवा दे झाङा पल्ला , 15 के बाद कहा आने को , पत्रिका ने ली सुध पुलिस बुलाकर की अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 30 Mar 2020, 10:01 AM IST

WEST BENGAL CORONA ALERT, PATRIKA GROUND REPORT कोलकाता ...एक बहुत खुबसूरत कहावत है कि दुनिया खैरत उसी की पूछती है, जो खुद खैरत मे रहता है । कुछ ऐसा ही वाक्या कालेज स्क्वायर के समीप शुक्रवार को नजर आया । दरअसल कुछ दिन पहले ही बाथरूम मे पैर फिसल कर ७२ वर्षीया महिला मेहरून खातुन गिर गई थी जिसके बाद से वह बंकिम चन्द्र स्ट्रीट मे फुटपाथ पर लेटकर जीवन गुजार रही थी । उस समय से इस बुजुर्ग महिला की सेवा इसके दिव्यांग पुत्र अकबर के कन्धों पर थी । इसी क्रम मे गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक यह महिला दर्द व हल्का फीवर होने के कारण पूरी रात कराहते रही; छटपटाती रही लेकिन किसी ने भी इसकी सुध नही ली। सबसे ज्यादा दुखद पहलू यह है कि समीप ही केएमसी का वारङ ४० का प्राइमरी हेल्थ सेन्टर है लेकिन उसके बावजूद इसके दर्द की आह नही सुनाई दी न तो जनप्रतिनिधियों और न स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार आलाकमान के कानो मे। पत्रिका संवाददाता को एक बांग्ला मीडिया कर्मी ने इसकी सूचना देकर मदद की अपील की तो फिर शुक्रवार सुबह ९.४० पर पत्रिका संवाददाता ने मौके पर जाकर तत्काल पुलिस को सूचना दी । खबर पाकर सियालदह ट्रैफिक पुलिस कर्मी शिबादीप विश्वास सबसे पहले मौके पर पहुंचे । उन्होंने फोन पर इसकी विस्तृत जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियो व स्वास्थ्य विभाग को दी । चूंकि महिला हल्के फीवर से ग्रस्त थी इसलिए अभी महामारी घोषित कोरोना वायरस से इसके संदिग्ध होने की आशंका से किसी ने भी इसके समीप जाने की हिम्मत नही जुटाई । कोरोना से लड़ाई के लिए चाहे वह केन्द्र हो या फिर प्रदेश सरकार इन सभी के तमाम बड़े _बङे दावों की पोल उस समय खुल गई जब इस संवाददाता ने अपने बांग्ला मीडिया कर्मी के साथ समीप स्थित केएमसी के प्राइमरी हेल्थ सेन्टर का दौरा किया। जब इस बुजुर्ग महिला के समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए इस सेन्टर से सम्पर्क किया तो हैरतअंगेज नजारा देख कर होश उङ गए । सुबह के करीब १० बजे तक न तो कोई चिकित्सक न कोई स्वास्थ्य कर्मी और न ही जनप्रतिनिधि मौजूद थे । कुछ लोगो ने बताया कि ११ के आसपास ङाकटर या स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी यहाॅ आते है । इस सम्बन्ध मे पार्षद सपना दास से कई बार फोन पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नही हो सकी ।

हेल्थ सेन्टर मे पसरा सन्नाटा, गेट पर लटका ताला
शुक्रवार दोपहर बाद फिर पत्रिका ने इस हेल्थ सेन्टर का ग्राउंड निरीक्षण किया । केएमसी के इस प्राइमरी हेल्थ सेन्टर भवन मे सन्नाटा पसरा हुआ था और गेट पर ताले लटके हुए थे । सवाल यह उत्पन्न होता है कि क्या महज लाकङाऊन कर कोरोना से जन्ग जीती जा सकती? ?? जबकि कङवी हकीकत यह है कि जब तक उच्च स्तरीय मेडिकल चिकित्सा व्यवस्था नही की जाएंगी तब तक ईश्वर के भरोसे किसी भी महामारी को मात देने का दावा करना मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखने के समान है ।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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