CORONA EFFECT-कोविड-19 का खौफ--बेलूर मठ करेगा कुमारी पूजा का सजीव प्रसारण

WEST BENGAL DURGA-PUJA--खास है बंगाल की 121 साल पुरानी कुमारी पूजा, स्वामी विवेकानंद ने बेलूर मठ में की थी शुरुआत, नवरात्र के 9 दिन कुमारी पूजा होती है, कुमारी कन्याओं को दुर्गा की तरह पूजा जाता है

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 05 Sep 2020, 05:51 PM IST

BENGAL CORONA EFFECT: कोलकाता. कोविड-19 संक्रमण के कारण रामकृष्ण मठ और मिशन का वैश्विक मुख्यालय बेलूर मठ इस बार सदी पुरानी कुमारी पूजा की परंपरा का सजीव प्रसारण करेगा। स्वामी विवेकानंद ने बेलूर मठ में इसकी शुरुआत की थी। कुमारी पूजा अनुष्ठान के दौरान किसी भी बाहरी श्रद्धालु को अनुमति नहीं दी जाएगी। जबकि अभी तक इस अवसर पर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होती थी। बेलूर मठ ने जून के मध्य में परिसर को खोला था। लेकिन कई महंतों और अन्य कर्मचारियों में कोविड-19 का मामला आने के बाद 1 महीने पहले बाहरी लोगों के मठ में आने पर रोक लगा दी। मठ के प्रवक्ता ने 5 सितंबर को इसकी पुष्टि की। बताया कि अधिकारियों ने अबतक यह फैसला नहीं लिया है कि क्या पूजा के चारों दिन आमजनता के आने पर भी रोक लगाई जाएगी? और दृश्य और अनुष्ठान का भी सजीव प्रसारण किया जाएगा ताकि लोग डिजिटल तरीके से दर्शन कर सके। प्रवक्ता ने कहा कि निश्चित रूप से 121 साल पुरानी कुमारी पूजा के अनुष्ठान को संपन्न किया जाएगा। लेकिन हम छोटी सी भीड़ होने पर भी कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा मोल नहीं ले सकते। कुमारी पूजा कुछ वरिष्ठ महंतों और दुर्गा के रूप में पूजी जाने वाली लडक़ी की उपस्थिति में होगा। उन्होंने बताया कि कई प्रक्रिया के बाद बच्ची का चुनाव होता है। और इस बार बच्ची के माता-पिता की भी कोविड-19 जांच कराई जाएगी और सभी ऐहतियाती नियमों का पालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि कोलकाता में संपूर्ण दुर्गा पूजा के दौरान दुर्गा की पूजा विभिन्न रूपों में की जाती है। इन रूपों में सबसे प्रसिद्ध रूप है--कुमारी। इस दौरान देवी के सामने कुमारी की पूजा की जाती है। यह देवी पूजा का सबसे शुद्ध-पवित्र रूप माना जाता है। देवी के इस रूप की पूजा के लिए 1 से 16 वर्ष की लड़कियों का चयन कर उनकी पूजा-आरती की जाती है। बंगाल में कुमारी पूजा का ज्यादा मान्यता है। घरों गलियों में लोग कुमारियों की पूजा करते हैं। नवरात्र के 9 दिन कुमारी पूजा होती है। कुमारी कन्याओं को दुर्गा की तरह पूजा जाता है।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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