WEST BENGAL DURGA-PUJA--प्रवासी महिला श्रमिक के रूप में दिखेगी देवी दुर्गा

WEST BENGAL_ Goddess Durga will be seen as a migrant women laborer, -बेहाला के बरीशा दुर्गा पूजा कमेटी ने बनाया रिलीफ (राहत) को पूजा थीम, दुर्गा प्रतिमा की जगह प्रवासी मजदूरों की संघर्षपूर्ण यात्रा दिखाने का फैसला

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 16 Oct 2020, 06:27 PM IST

KOLKATA DURGA-PUJA_कोलकाता. दक्षिण कोलकाता के बेहाला स्थित एक दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार देवी दुर्गा प्रवासी महिला श्रमिक के रूप में नजर आएंगी। बेहाला के बरीशा दुर्गा पूजा कमेटी ने पंडाल में इस बार दुर्गा प्रतिमा की जगह प्रवासी मजदूरों की पूजा और उनकी संघर्षपूर्ण यात्रा को दिखाने का फैसला किया है। बरीशा क्लब ने इस साल की पूजा थीम रिलीफ (राहत) को बनाया है। पंडाल में प्रवासी महिला मजदूरों की प्रतिमाओं के जरिए उन संघर्षरत मांओं की यात्रा को सलाम किया जाएगा जो लॉकडाउन के दौर में अपने बच्चों को गोद में लेकर हजारों किलोमीटर पैदल चलती रहीं। बरीशा दुर्गा पूजा कमेटी दुर्गा प्रतिमा की जगह एक महिला प्रवासी मजदूर की मूर्ति लगाएगी जो एक बच्चे को गोद में लिए हुए है। इस अनूठी प्रतिमा को मूर्तिकार रिंटू पाल ने तैयार किया है। कमेटी ने न सिर्फ दुर्गा बल्कि सरस्वती और लक्ष्मी की मूर्तियों की जगह भी प्रवासी मजदूरों की मूर्ति तैयार करने का फैसला किया है। पंडाल में प्रवासी मजदूरों की बेटियों के रूप में देवियों की सांकेतिक मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इनमें एक मूर्ति के साथ लक्ष्मी का वाहन उल्लू और दूसरी मूर्ति के साथ सरस्वती के वाहन हंस के साथ लगाई जाएगी। चौथी मूर्ति हाथी के सिर के साथ होगी जो गणेश का सांकेतिक रूप होगी। इन चारों मूर्तियों को पंडाल में दुर्गा के 10 हाथ वाली पारंपरिक प्रतिमा की ओर बढ़ता हुआ दिखाया जाएगा। इसे इस तरह दर्शाया जाएगा कि सभी दुर्गा से इस मुश्किल दौर में राहत की अपील करते हुए उनकी ओर बढ़ रहे हैं।

लॉकडाउन में 1.5 करोड़ प्रवासी श्रमिक लौटे थे घर
गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान 1.5 करोड़ प्रवासी श्रमिक अपने घर लौटे थे। इनमें बड़ी तादाद में महिलाएं थीं। केंद्र सरकार की ओर से पिछले महीने जारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा प्रवासी श्रमिक (32.7 लाख) उत्तर प्रदेश लौटे थे जबकि बिहार 15 लाख के साथ दूसरे स्थान पर रहा। लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की तादाद में प्रवासी श्रमिक अपने गृह राज्य बंगाल भी लौटे थे। क्लब के एक अधिकारी ने बताया कि दुर्गा शक्ति की देवी है। हम प्रतिमा के माध्यम से शक्ति के एक और स्वरूप को दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं जो लॉकडाउन के दौरान देखने को मिला। एक मां अपने बच्चे के लिए क्या-क्या कर सकती है, इसका यह सशक्त उदाहरण है।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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