WEST BENGAL---घरों के बाहर रंगोली पर दीपक जला कर गोवेर्धन पूजा

आस्था के साथ हुई गोवर्धन पूजा , शाम को अन्नकूट महोत्सव

By: Shishir Sharan Rahi

Updated: 15 Nov 2020, 04:52 PM IST

BENGAL NEWS-कोलकाता। प्रकृति और पर्यावरण की पूजा का संदेश देने वाले गोवर्धन पूजा रविवार को बड़ाबाजार सहित पूरे महानगर में मनाया गया। लेक टाउन, साल्टलेक, बागुईहाटी, हावड़ा, लिलुआ, हिंदमोटर आदि उपनगरीय क्षेत्रों में भी पूरी आस्था के साथ मनाया गया। पंच दिवसीय प्रकाशोत्सव पर दीपावली के दूसरे दिन सुबह सुबह ऊर्जा से लबरेज श्रद्धालुओं ने अपने घरों के बाहर रंगोली पर दीपक जला कर सपरिवार गोवेर्धन पूजा की तथा घरों में शाम को अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया। दिन भर फोन और व्हाट्सएप पर दिवाली की शुभकामनाएं देने का दौर चलने के बाद घरों में अन्नकूट पूजा की गई। बड़ाबाजार में स्थित हनुमान मंदिर में प्रत्येक वर्ष होने वाले अन्नकूट महोत्सव के बारे में धरणीधर द्विवेदी ने बताया कि कोविड19 को ध्यान में रखते हुए ज्यादा भीड़ न करने के उद्देश्य से वृहद रूप से नहीं मनाया जा रहा। इस वर्ष केवल मंदिर में प्रसाद चढ़ कर सांकेतिक रूप से ही अन्नकूट का आयोजन किया गया।
जब इंद्र के घमंड को कृष्ण ने चूर कर दिया था
दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है जिसमें भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा का विधान है। इस दिन 56 या 108 तरह के पकवान बनाकर कृष्ण को उनका भोग लगाया जाता है। इन पकवानों को अन्नकूट कहा जाता है। मान्यता है कि ब्रजवासियों की रक्षा के लिए कृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी अंगुली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और मनुष्यों के जीवन को देवराज इंद्र के कोप से बचाकर इंद्र के घमंड को चूर-चूर कर दिया था। गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। तब से गोवर्धन पूजा की शुरुआत हुई। इसे अन्नकूट पर्व भी कहते हैं। इस दिन लोग अपने घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन बनाकर उनकी पूजा करते हैं।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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