BENGAL COVID EFFECT---कोविड ने बरपाया अब रथयात्रा उत्सव पर कहर

इस्कॉन मुख्यालय मायापुर में छोटे स्तर पर होगा रथयात्रा उत्सव, रथयात्रा 12 को, 3 की जगह 1 रथ निकलेगा, पिछले साल भी छोटे स्तर पर हुआ था आयोजन

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 03 Jul 2021, 10:44 PM IST

BENGAL COVID EFFECTS-कोलकाता। वैश्ेिवक महामारी कोरोना ने अन्य धार्मिक उत्सवों की तरह ही अब रथयात्रा उत्सव पर भी कहर बरपा डाला। कोविड-19संक्रमण के चलते इस बार नदिया जिले के मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय में रथयात्रा उत्सव का बेहद छोटे तौर पर आयोजन किया जाएगा। इस्कॉन मायापुर के प्रमुख (मीडिया संचार) सुब्रत दास ने इसकी पुष्टि की। इससे पहले पिछले साल भी इस्कॉन की ओर से छोटे स्तर पर रथयात्रा का आयोजन किया गया था। जगन्नाथ रथयात्रा इस साल 12जुलाई को है। दास ने बताया कि इस साल 3 की जगह 1 ही रथ निकाला जाएगा जिसमें जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक साथ सवार होंगे। रथयात्रा के दौरान 50 लोगों की टीम होगी जो जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की सेवा के साथ रथ खींचने का काम करेगी। इस बार मायापुर मंदिर परिसर में ही रथ को भ्रमण कराया जाएगा। रथ यात्रा में बाहरी लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि श्रद्धालु इसके ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे। गुंडिचा मंदिर जहां जगन्नाथ भाई-बहन के साथ 9 दिन रहते हैं उसे श्रीचंद्रोदय मंदिर हॉल में तैयार किया जा रहा। गुंडिचा मंदिर में एक साथ 40 लोगों को जगन्नाथ के दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाएगी।इसके लिए उन्हें मुख्य गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा।
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1.5 लाख से अधिक श्रद्धालु करते थे शिरकत
दास ने कहा कि कोरोना से पहले मायापुर में आयोजित होने वाली रथयात्रा उत्सव में शामिल होने दुनियाभर से 1.5लाख से अधिक श्रद्धालु शिरकत करते थे। 9दिनों तक रोजाना 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रसाद निशुल्क खिलाया जाता था। गंगा घाट पर गुंडिचा मंदिर का निर्माण किया जाता था। कोरोना के कारण इस बार किसी तरह का जोखिम न लेते हुए रथयात्रा का बेहद छोटे पैमाने पर आयोजन किया जा रहा।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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