Shardha Chit fund scam: राजीव कुमार की अग्रिम जमानत खारिज, हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाऐं पूर्व पुलिस आयुक्त

Shardha Chit fund scam: राजीव कुमार की अग्रिम जमानत खारिज, हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाऐं पूर्व पुलिस आयुक्त
राजीव कुमार

Manoj Kumar Singh | Publish: Sep, 21 2019 09:33:27 PM (IST) | Updated: Sep, 21 2019 09:33:28 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

IPS Rajiv Kumar की अग्रिम जमानत याचिका पर शनिवार को करीब तीन घंटे सुनवाई करने और फैसला सुरक्षित रखने के बाद Kolkata के Alipur session court ने रात को उसे खारिज कर दिया। दूसरी ओर CBI team दिन भर बड़ी बेताबी से राजीव कुमार की तलाश करती रही।

दिन भर बड़ी बेताबी से राजीव कुमार की तलाश करती रही सीबीआई की टीम

उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित पैतृक घर पहुंची सीबीआई की टीम, कोलकाता में पत्नी से पूछताछ

कोलकाता

कोलकाता पुलिस के पूर्व कमिश्नर राजीव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका पर शनिवार को करीब तीन घंटे बहस होने और इस पर फैसला सुरक्षित रखने के बाद महानगर के सेशन कोर्ट ने रात को उक्त याचिका खारिज कर दिया। अब राजीव कुमार अपनी अग्रिम जमान के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

इस दिन राजीव कुमार की याचिका पर शनिवार को तीन घंटे अधिक देर तक बहस चली। राजीव कुमार के वकील ने अपने मुवक्किल की अग्रिम जमानत के पक्ष में लगभग डेढ़ घंटे तक दलील दी। दूसरी तरफ सीबीआई के वकील ने जमानत के विरोध में पौने दो घंटे तक अपना पक्ष रखा। दोनो पक्षों को सुनने के बाद जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बाद में कोर्ट ने रात को राजीव कुमार की अिग्रम जमानत याचिका खारिज कर उनकी मुश्किले बढ़ा दिया है।

राजीव कुमार की पत्नी से की पूछताछ

इधर सीबीआई की टीम राजीव कुमार की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की। सीबीआई की एक टीम सीआईडी मुख्यलय ‘भवानी भवन’ भी गई। दूसरी टीम पार्क स्ट्रीट स्थित राजीव कुमार के घर जाकर उनकी पत्नी आईआरएस अधिकारी संचिता कुमार से पूछताछ की।

सीबीआई की एक टीम उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित उनके घर पर भी छापेमारी की। कोलकाता से सटे उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ जगहों पर राजीव कुमार की तलाश में सीबीआई की टीम दिन भर जगह-जगह छापेमारी करती रही।

राजीव कुमार से पूछताछ करने को सीबीआई बेताब

इधर सीबीआई ने राजीव कुमार के आवास के पांच कर्मचारियों को सीआरपीसी-160 के तहत पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। राजीव कुमार पर सारधा समूह के महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करने का आरोप है। राजीव कुमार पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सारधा चिटफंड घोटाले की जांच करने के लिए गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का हिस्सा थे।

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच की जिम्मेवारी सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई के अनुसार सारधा समूह प्रमुख सुदीप्त सेन की लाल रंग की एक डायरी थी, जिसमें राज्य के उन प्रभावशाली नेताओं के नाम हैं जिन्होंने उनसे मोटी रमक ली थी। कब किस नेता को कितने पैसे दिए गए थे, उस डायरी में नोट है।
सीबीआई मामले में राजीव कुमार से पूछताछ करना चाहती है। कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद राजीव कुमार हाजिर नहीं हो रहे हैं। राजीव कुमार पहले कलकत्ता हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले रखे थे। पिछले शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्टे हटा लिया था। उसके बाद से राजीव कुमार भूमिगत हैं। वकील के मार्फत से उन्होंने अलीपुर कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी।

इससे पहले बारासात की विशेष अदालत एवं बारासात कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर चुकी है। आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार के वकील ने बताया कि अग्रिम जमानत के लिए अब वे हाई कोर्ट के का दरवाजा खटखटाएंगे।

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