राज्यपाल से मिला जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का प्रतिनिधि दल

  • इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस टैग और यूजीसी के संशोधित वेतनमान पर की चर्चा

कोलकाता

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जुटा) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस टैग और यूजीसी के संशोधित वेतनमान लागू करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। जुटा के महासचिव पार्थ प्रतिम राय ने बताया कि राज्यपाल ने इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस टैग देने के संबंध में विभिन्न दस्तावेज मांगा हैं। वे विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं। उन्होंने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय देश में उच्च शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस टैग को हांसिल करने में विफल रहा है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे को आगामी गवर्नर्स सम्मेलन में उठाएंगे।

राज्यपाल ने जुटा के सदस्यों को यह भी बताया कि यूजीसी का नया वेतनमान 1 जनवरी 2020 से लागू किया जाना पूरी तरह से अनुचित है। वे प्रयास करेंगे कि 1 जनवरी 2016 से नए वेतनमान को लागू किया जाए। राय ने कहा कि उनकी तरफ से 1 जनवरी 2016 के एरियर का भुगतान नहीं होने की स्थिति में शिक्षकों के मौद्रिक नुकसान का लिखित ब्यौरा राज्यपाल को सौंपा गया है।

बैठक के बाद धनखड़ ने एक ट्वीट में कहा कि उनका जुटा के सदस्यों के साथ बहुत सार्थक और रचनात्मक विचार-विमर्श हुआ है। सभी मुद्दों पर चर्चा हुई है।
उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी सरकार ने कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों को जनवरी 2020 से यूजीसी का संशोधित वेतमान देने की घोषणा की है। शिक्षक इससे संतुष्ट नहीं हैं। वे 1 जनवरी 2016 से एरियर का भुगतान चाहते हैं।

Show More
Ashutosh Kumar Singh
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned