HINDI SAHITYA PARISHAD--हिन्दी साहित्य परिषद् ने धूमधाम से मनाया स्थापना दिवस

7 प्रदेशों में परिषद् शाखा-इकाई का कार्य

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 24 Feb 2021, 08:05 PM IST

BENGAL HINDI NEWS-कोलकाता। हिन्दी साहित्य परिषद् परिवार ने महानगर में 23 फरवरी को पहला स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। राजीव नंदन मिश्र नन्हें ने मंगलाचरण व सरस्वती प्रार्थना की तो आलोक चौधरी ने सरस्वती वंदना किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शुक्ल ने अतिथियों का परिचय कराया एवं हिन्दी साहित्य परिषद् के एक वर्ष के कार्यकलापोंसे अवगत करवाया। शुक्ल ने बताया कि हिन्दी साहित्य परिषद् ने पिछले एक वर्ष के कार्यकाल में हिन्दुस्तान में 7 प्रदेशों में एवं अन्तरराष्ट्रीय पटल पर हिन्दी साहित्य परिषद् की शाखा-इकाई का कार्य प्रारम्भ किया है। पश्चिम बंगाल के साथ झारखण्ड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और अन्तरराष्ट्रीय पटल पर मॉरिसस में परिषद् की शाखाएं हिन्दी भाषा एवं साहित्य को बढ़ाने का कार्य कर रही हैं। झारखण्ड प्रदेश अध्यक्ष स्नेहा रॉय एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय शुक्ल ने सभी को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि के रूप में उप पुलिस महानिदेशक व साहित्यकार मृत्युंजय कुमार सिंह उपस्थित थे। उन्होंने द्रौपदी खण्डकाव्य के कुछ अंश इतिहास के अध्याय में वो एक है, अनेक में पांडवों की भार्या वो 5-पांच का पाठ किया। उन्होंने आग्रह पर भोजपुरी रचना हरिअर धनवा के निल भइल खेतिया सुन ए लोगिन ई दु:ख भरल बतिया सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। परिषद् के राष्ट्रीय सलाहकार गिरिधर राय ने भी काव्य पाठ किया।परिषद् के संरक्षक सूर्या सिन्हा ने शुभकामना प्रेषित किया। अध्यक्षता योगेंद्र शुक्ल सुमन ने की। संचालन रांची (झारखण्ड) से आये शायर नेहाल हुसैन सरायवी ने किया। कवयत्री रौनक अफरोज ने ...पाने तो दिया होता खोने तो दिया होता तन्हाई में छुप-छुप के रोने तो दिया होता सुनाई। धन्यवाद ज्ञापन संजय शुक्ल ने किया। मौके पर शकिल गोंडवी, आलोक चौधरी, रामावतार सिंह, संदीप गुप्ता, नन्दू बिहारी, शोहेल खान, ज्योति खेमका, सुनील धनानिया, नीता अनामिका, सैयद इकबाल तालिब, मनोज प्रसाद आदि उपस्थित थे।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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