WEST BENGAL-मारवाड़ी समाज के लिये मील का पत्थर साबित होगी असम की मारवाड़ी जाति का इतिहास

श्याम सुन्दर हरलालका लिखित पुस्तक ...असम की मारवाड़ी जाति का इतिहास
का विमोचन, असमिया-अंग्रजी संस्करण शीघ्र होगा प्रकाशित

By: Shishir Sharan Rahi

Updated: 27 Jun 2021, 10:45 PM IST

BENGAL NEWS-कोलकाता। असम की मारवाड़ी जाति का इतिहास पुस्तक मारवाड़ी समाज के लिये मील का पत्थर साबित होगी। अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया ने डॉ.श्याम सुन्दर हरलालका लिखित पुस्तक ...असम की मारवाड़ी जाति का इतिहास के विमोचन पर रविवार को यह बात कही। पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन अन्तर्गत साहित्य सृजन- विकास समिति की ओर से वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन प्रसाद गाड़ोदिया तथा मुख्य वक्ता सीताराम शर्मा थे। निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सराफ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पवन सुरेका, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय कुमार लोहिया, राष्ट्रीय महामंत्री संजय हरलालका, राष्ट्रीय संगठन मंत्री बसंत मित्तल, कर्नाटक सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. सुभाष अग्रवाल, झारखंड सम्मेलन के राजकुमार केडिया, पुष्पा भुवालका आदि मौजूद थे। पूर्वोत्तर सम्मेलन के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष ओंकारमल अगरवाला, विजय मगलूनिया एवं मधुसूदन सीकरिया के अलावा अनेक प्रांतीय पदाधिकारी, शाखा पदाधिकारी, लॉयन्स क्लब के सदस्य आदि भी साक्षी बने। राष्ट्रीय अध्यक्ष गोवर्धन गाड़ोदिया ने कहा कि 576 पृष्ठों की यह पुस्तक मारवाड़ी समाज के लिये एक मील का पत्थर साबित होगी तथा आने वाली पीढ़ी के लिए एक दस्तावेज होगी। समूचे भारत में इस तरह का यह पहला प्रयास किया गया है। उन्होंने अन्य प्रांतों में भी इस तरह की पुस्तकों के प्रकाशन पर जोर दिया। मुख्य वक्ता सीताराम शर्मा ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक एक मॉडल के रूप में होगी तथा इससे समाज की छवि सुधरेगी। गाड़ोदिया ने सीताराम शर्मा, संतोष सराफ एवंकेन्द्रीय—प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ मिलकर पुस्तक का विमोचन किया। लेखक डॉ. श्याम सुन्दर हरलालका ने कहा कि इस पुस्तक का असमिया और अंग्रजी संस्करण भी शीघ्र प्रकाशित किया जायेगा। ताकि इतर समाज के लोगों में भी इसका वितरण किया जा सके। राष्ट्रीय महामंत्री संजय हरलालका ने कहा कि आदमी आता है और चला जाता है परन्तु साहित्य हमेशा जीवित रहता है। प्रान्तीय महामंत्री अशोक अग्रवाल ने अध्यक्षता की। संचालन राजकुमार सराफ ने किया। उमेश खण्डेलिया ने उद्देश्य व्याख्या की। राजकुमार सराफ ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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