WEST BENGAL COVID EFFECTS---कोविड का कहर: पूजा पंडाल में नहीं मिल सकता इस बार भी प्रवेश!

इसलिए आयोजक कर रहे खुले दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण, हाईकोर्ट ने पिछले साल लगा दी थी पंडालों के भीतर दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 12 Jul 2021, 09:57 PM IST

BENGAL NEWS-कोलकाता। महानगर की विश्वविख्यात दुर्गोत्सव पर लगातार दूसरे साल भी कोविड-19 संक्रमण का साया मंडराने लगा है। पिछले साल की ही तरह इस बार भी दुर्गा पूजा पंडाल के अंदर श्रद्धालुओं को प्रवेश की इजाजत नहीं मिलने के आसार साफ दिखने लगे हैं। इसे देखते हुए आयोजक खुले पंडाल का निर्माण कर रहे जिससे दूर से ही श्रद्धालु मांदुर्गा के दर्शन करने में सफल हों। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले साल कोरोना के चलते पंडालों के भीतर दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इससे पूजा होने पर भी देवी दुर्गा के दर्शन से श्रद्धालुओं को वंचित रहना पड़ा था। आयोजकों का कहना है कि कोर्ट, प्रशासन की तरफ से पंडाल के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं देने की संभावना इस बार भी है। वे इसलिए खुले पंडाल का निर्माण कर रहे ताकि बाहर से आसानी से दर्शन किया जा सके। संतोषपुर लेकपल्ली के महासचिव सोमनाथ दास ने सोमवार को कहा कि कोविड में पंडाल के अंदर जमावडा़ खतरनाक हो सकता। वे एक ऐसे थीम पर काम कर रहे जिसके तहत खुले पंडाल का निर्माण होगा। 10 मीटर दूर से दुर्गा के दर्शन हो सकेंगे। उधर यूथ एसोसिएशनमोहम्मद अली पार्क के संयुक्त सचिव अशोक ओझा कहते हैं कि एम्स के डॉक्टरों समेत र्क विशेषज्ञों ने अक्टूबर में पूजा के समीप ही कोरोना की तीसरी लहर की चेतावनी दी है। इसलिए पूजा केसाथ सतर्क रहना जरूरी है। पिछले साल पंडाल का निर्माण इस तरह से किया था कि लोग बाहर से ही प्रतिमाओं के दर्शन कर सके। उसी तरह इस साल भी पंडाल तैयार करने का विचार है।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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