WEST BENGAL--जीएम ने कहा, यात्री सुरक्षा में किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं

लोकल ट्रेनों को फिर शुरू करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता,पूर्व रेलवे मुख्यालय में विभाग के प्रमुख विभागाध्यक्षों, मंडल रेल प्रबंधकों और मुख्य निर्माण प्रबंधकों के साथ बैठक

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 27 Jul 2021, 10:43 PM IST

BENGAL NEWS-कोलकाता। यात्री सुरक्षा चिंता का प्रमुख क्षेत्र है और इसमें किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि निरीक्षण और रखरखाव कार्य को तेज किया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मनोज जोशी ने मंगलवार को यह दो टूक बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्व रेलवे की 214 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में से 204 ट्रेनों को पहले ही बहाल कर दिया गया। जबकिईएमयू लोकल ट्रेनों को फिर शुरू करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति की आवश्यकता है।जोशी ने पूर्व रेलवे मुख्यालय फेयरली प्लेस में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विभाग के प्रमुख विभागाध्यक्षों, मंडल रेल प्रबंधकों और मुख्य निर्माण प्रबंधकों के साथ बैठक की। अपर महाप्रबंधक अनीत दुलत की मौजूदगी में यात्रियों की सुरक्षा सहित कोविड देखभाल प्रबंधन और ट्रेन सेवाओं में समय की पाबंदी पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया गया। जोशी ने कहा कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कोविड महामारी के कारण निरीक्षण कार्यों में सुरक्षा, रख-रखाव में कुछ ढिलाई बरती गई थी। लेकिन चूंकि रेलवे ने पहले ही 90 फीसदी से अधिक ट्रेन संचालन शुरू कर दिया है इसलिए यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी सुरक्षा निरीक्षण समयबद्ध तरीके से सार्थक रूप से किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी रेलवे साइडिंग पर मानव रहित समपार फाटक नहीं होना चाहिए और मौजूदा एक को समयबद्ध तरीके से धीरे-धीरे हटा दिया जाना चाहिए।उन्होंने विशेष रूप से मानसून तैयारियों पर भी जोर दिया। सभी संबंधितों को मानसून को ध्यान में रखते हुए नए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया।विशेष रूप से पुलों पर रेलवे को सभी संवेदनशील स्थानों की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए। कर्मचारियों का टीकाकरण सफलतापूर्वक पूरा करने पर पूर्व रेलवे चिकित्सा बिरादरी को बधाई दी। उन्होंने कर्मचारियों के आश्रित परिवार के सदस्यों के टीकाकरण के शेष कार्य पूरा करने पर भी जोर दिया। पूर्वी रेलवे ने टीकों की 50 हजार सेअधिक खुराकें दी हैं।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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