WEST BENGAL---हासिमारा एयरबेस पर तैनात हुआ राफेल

फॉल्कन ऑफ छंब एंड अखनूर’ भारत को अब तक मिले 26 विमान, चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 28 Jul 2021, 11:05 PM IST

BENGAL NEWS-कोलकाता/नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने चीन से सटी पूर्वी सीमा पर अपनी सामरिक शक्ति में इजाफा करते हुए चीन की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयारी कर ली है। इसके तहत पश्चिम बंगाल स्थित हासिमारा एयरबेस पर बुधवार को राफेल विमान के दूसरे स्क्वाड्रन को शामिल किया गया। 101 स्क्वॉड्रन की शुरुआत करीब आधा दर्जन राफेल विमानों से हो रही है। मौके पर एयरबेस पर एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया मौजूद थे। बुधवार को हासिमारा में रफाल फाइटर जेट्स ने आसमान में उड़ान भर विधिवत तौर से दूसरी स्कॉवड्रन को स्थापित किया. एयर बेस पर लैंड करने पर फाइटर जेट्स को वॉटर-कैनन की सलामी दी गई. दूसरी स्कॉवड्रन को 101 स्कॉवड्रन के नाम से जाना जाएगा, जिसे ‘फॉल्कन ऑफ छंब एंड अखनूर’ का नाम भी दिया जाता है. भारतीय वायुसेना की एक स्कॉवड्रन में 18 लड़ाकू विमान होते हैं. चीन के साथ लगती पूर्वी सीमा पर फाइटर राफेल विमान तैनात होंगे। फ्रांस से 23 राफेल की खेप आ चुकी है। उधर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने बुधवार को कहा कि भारत ने अब तक डसॉल्ट एविएशन से 36 में से 26 राफेल विमान प्राप्त किए हैं। अजय भट्ट ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि, 36 राफेल विमानों की डिलीवरी तय समय के मुताबिक चल रही है। कुल 26 विमानों को भारत भेजा गया है। फ्रांसीसी एयरोस्पेस प्रमुख डसॉल्ट एविएशन निर्मित बहु-भूमिका वाले राफेल जेट, हवाई श्रेष्ठता और सटीक हमलों के लिए जाने जाते हैं। पहला राफेल विमान पिछले साल 29 जुलाई को देश में आया था। इससे 4 साल पहले 36 राफेल विमानों की खरीद के लिए 59,000 करोड़ के सौदे पर भारत और फ्रांस की सरकारों ने हस्ताक्षर किये थे। अभी तक मिले 26 राफेल में 24 भारत पहुंचे हैं और 2 फ्रंास में ट्रेनिंग के लिए रखे गए हैं।
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इसलिए है खास राफेल
रूस से सुखोई जेट आयात किए जाने के बाद 23 वर्षों में राफेल जेट भारत का पहला मुख्य लड़ाकू विमान है। राफेल जेट कई तरह के शक्तिशाली हथियार ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा राफेल लड़ाकू विमान का कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है। ये दो इंजन वाला विमान है जिसको भारतीय वायुसेना को दरकार थी। राफेल में ३ तरह की मिसाइल लगाई जा सकती हैं। एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है। हवा में ही फ्यूल को भर सकता है।

Shishir Sharan Rahi Reporting
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