WEST BENGAL---उत्तम शौच धर्म के रूप में मना दशलक्षण पर्व का पांचवा दिन

दिगम्बर जैन मन्दिर फूलबागान में शान्तिधारा

By: Shishir Sharan Rahi

Published: 15 Sep 2021, 06:31 PM IST

BENGAL NEWS-कोलकाता। दशलक्षण पर्व के पांचवे दिन को दिगम्बर जैन समाज ने उत्तम शौच धर्म के रूप में मनाया। आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य केसी जैन ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जैन ने कहा कि संतोष का ही दूसरा नाम शौच धर्म है जिस मनुष्य में संतोष की वृत्ति नहीं वह कभी सुखी नहीं हो सकता। संतोष से ही मन पवित्र होता है। लोभ कषाय का शमन संतोष से ही हो सकता है। इच्छाओं की कोई सीमा नहीं इसलिए चित्त की शान्ति संतोष के बिना नहीं मिल सकती है। जिस शरीर को हम सजाने और भोगों में लिप्त करते रहते हैं, वह मात्र हाड़मांस का पुतला है। नश्वर है। इस अशुचि शरीर में बैठे स्वाभाविक पवित्र आत्मा को जो पहचानते वो ज्ञानी कहलाते हैं। आत्मा शास्वत है। मुनिसंघ व्यवस्था समिति के सुरक्षा मन्त्री सुरेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि शांतिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर फूलबागान में शौच धर्म की आराधना और विश्व शान्ति के लिए शान्तिधारा का विशेष आयोजन किया गया। बुधवार 15 सितम्बर को उत्तम संयम धर्म का अनुष्ठान किया जायेगा।....

Shishir Sharan Rahi Reporting
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