scriptWEST BENGAL NEWS | WEST BENGAL-बर्फबारी-खुले आसमान के नीचे बिताई रात | Patrika News

WEST BENGAL-बर्फबारी-खुले आसमान के नीचे बिताई रात

यूक्रेन से लौटी छात्रा ने सुनाई आपबीती

कोलकाता

Published: March 05, 2022 01:32:01 pm

BENGAL NEWS-कोलकाता। यूक्रेन में फंसे जो छात्र कोलकाता लौटे उनमें गोपाल, देवमाल्या चटर्जी (हिंदमोटर) समेत दो छात्राएं भी हैं। सब मेडिसिन पढ़ाई करने गए थे। उन्होंने यूक्रेन में भयानक अनुभव देखे हैं। उन्हें केंद्र और राज्य सरकारों ने कोलकाता वापस भेजा था।परिजनों ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। यूक्रेन से अब तक 6,200 लोगों को स्वदेश लाया जा चुका है। छात्रों के परिजन कंट्रोल रूम के जरिए नवान्न से संपर्क में हैं। यूक्रेन में शून्य से नीचे वाले तापमान में आसनसोल की बुधा निवासी नरेशचंद शर्मा की पुत्री मेडिकल छात्रा आयुषी शर्मा ने एक दिन-रात खुले आसमान के नीचे बिताई। अब अपने घर माता-पिता के पास पहुंच गईं। आयुषी के पहुंचने पर घरवालों ने जोरदार स्वागत किया। पिता नरेश शर्मा लोको पायलट हैं। उन्होंने बताया कि दुर्गापुर के एसडीओ ने उनकी बेटी को सही सलामत आसनसोल उनके घर बुधा पहुंचाया है। बेटी से मिलने के बाद राहत महसूस कर रहे हैं। आयुषी ने रूसी हमले के बाद घर पहुंचने पर जो कहानी सुनाई। उसने कहा कि युद्ध शुरू होते ही वहां भयानक धमाका हुआ। इसके बाद से ही वो वहां से निकलने की तैयारी करने लगी। वह युवेनो फ्रेंकिस नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल में तीसरे वर्ष की छात्रा है। जब युद्ध शुरू हुआ तो इंडिया आने के लिए भारतीय दूतावास में अपना फार्म भरा।

WEST BENGAL-बर्फबारी-खुले आसमान के नीचे बिताई रात
WEST BENGAL-बर्फबारी-खुले आसमान के नीचे बिताई रात
पैसों और भोजन की कमी
अपने सीनियर साथियों के साथ एक लोकल बस से ढाई हजार रुपये खर्च कर ढाई सौ किलोमीटर सफर करके स्लोवाकिया के निकट बार्डर तक पहुंची थी।आयुषी ने कहा कि बार्डर पहुंचने पर पैसों और भोजन की काफी कमी रही। एक भी एटीएम खुला नहीं था न इंटरनेट काम कर रहा था। पीने के लिए पानी को सभी तरस गए। यूक्रेन के बार्डर पार करने को लेकर भारी सर्दी में खुले आसमान के रात बितानी पड़ी।

न छत न पानी
उस समय वहां का तापमान माइनस डिग्री सेल्सीयस था। न छत न पानी का प्रबंध, भोजन तो दूर। आयुषी ने कहा कि बार्डर पर तैनात पुलिस का व्यवहार भी सही नहीं था। इंडियन को जाने नहीं दे रहे थे। दूसरे देश से आए छात्र छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार का किया जा रहा था। बार्डर पार होकर स्लोवाकिया पहुंची। यहां पहुंचने पर थोड़ी राहत मिली। इंडियन एंबेसी की मदद से एक होटल में रखा गया। वहां दो दिन रुकने के बाद इंडियन एम्बेसी की मदद से इंडिया लाया गया। स्लोवाकिया से हवाई जहाज से दिल्ली आई। वहां से फिर कोलकाता।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ज्योतिष: ऊंची किस्मत लेकर जन्मी होती हैं इन नाम की लड़कियां, लाइफ में खूब कमाती हैं पैसाशनि देव जल्द कर्क, वृश्चिक और मीन वालों को देने वाले हैं बड़ी राहत, ये है वजहताजमहल बनाने वाले कारीगर के वंशज ने खोले कई राजपापी ग्रह राहु 2023 तक 3 राशियों पर रहेगा मेहरबान, हर काम में मिलेगी सफलताजून का महीना इन 4 राशि वालों के लिए हो सकता है शानदार, ग्रह-नक्षत्रों का खूब मिलेगा साथJaya Kishori: शादी को लेकर जया किशोरी को इस बात का है डर, रखी है ये शर्तखुशखबरी: LPG घरेलू गैस सिलेंडर का रेट कम करने का फैसला, जानें कितनी मिलेगी राहतनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

कर्नाटक में बड़ा हादसाः बारातियों से भरी गाड़ी पेड़ से टकराई, 7 की मौत, 10 जख्मीजल्द ही कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू करेगा जेट एयरवेज, DGCA ने दी मंजूरीअब तक 11 देशों में मंकीपॉक्स : 21 मई को WHO की इमरजेंसी मीटिंग, भारत में अलर्ट, अफ्रीकी वैज्ञानिक हैरानफिर महंगी हुई CNG: राजस्थान में दाम सबसे अधिक, Diesel - CNG के दाम में अब मात्र 12 रुपए का अंतर'मैं क्रिकेट खेलना छोड़ दूंगा'- Virat Kohli ने रिटायरमेंट का संकेत देकर चौंकायाभीषण सडक़ हादसा: पूर्व सांसद के भतीजे समेत 4 की मौत, गैसकटर से काटकर निकाले गए शवWeather Update: दिल्ली सहित इन राज्यों में बदला मौसम ​का मिजाज, आंधी-बारिश की संभावनाMP में ओबीसी आरक्षण: जिला पंचायत 30, जनपद 20 और सरपंचों को 26 फीसदी आरक्षण
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.