लाखों लोगों के साथ एयरपोर्ट घेरने का बयान देने वाले इस धार्मिक नेता ने की बंगाल चुनाव में प्रत्याशी उतारने की तैयारी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गोटियां बिछने लगी हैं। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से लगभग 80-90 पर अल्पसंख्यक मतों का प्रभाव बताया जाता है। जिन पर कब्जा करने के लिए अल्पसंख्यक नेता और संगठन भी ताल ठोंकने की तैयारी में हैं।

By: Paritosh Dube

Published: 15 Mar 2020, 06:44 PM IST

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में अल्पसंख्यक मतों का धु्रवीकरण संख्याबल साधने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 80 से 90 सीटें ऐसी मानी जाती हैं जहां अल्पसंख्यक मत प्रभाव रखते हैं। जिन्हें साधने के लिए तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस व वाममोर्चा ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। तृणमूल कांग्रेस जहां सीएए, एनआरसी व एनपीआर के मुद्दे पर लगातार सडक़ों पर उतर कर अपने अल्पसंख्यकों मतदाताओं को एक रखने के प्रयास में है। वहीं कांग्रेस और वाममोर्चा तृणमूल कांग्रेस पर भाजपा के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगाकर अपने टूटे गढ़ों की स्थिति सुधारने में लगा हुआ है। इस बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन भी विधानसभा चुनाव में ताल ठोंकने की तैयारी में है। अल्पसंख्यक मतों में संभावित विभाजन को भाजपा अपने प्रसार के लिए अनुकूल मान रही है। इन सबके बीच तृणमूल कांग्रेस की परेशानी बढ़ाने वाली एक और खबर आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक राज्य के अल्पसंख्यकों के बड़े धार्मिक केन्द्र फुरफुरा शरीफ से जुड़े धार्मिक नेता ने अपने समर्थकों को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। बताया जाता है कि धार्मिक केन्द्र के पीरजादा अब्बास सिद्दीकी ने वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लडऩे का फैसला किया है। हुगली जिले के जंगीपाड़ा में स्थित फुरफुरा शरीफ दरबार में बड़ी संख्या में बांग्लाभाषी मुसलमान आते हैं। सिद्दकी के करीबी बताते हैं कि तय हुआ है कि बंगाल में कम से कम 45 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए जाएंगे। अभी यह तय नहीं किया गया है कि किस पार्टी का समर्थन लेना है। लड़ाई उनके खिलाफ होगी जो अल्पसंख्यकों को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।
बताया जाता है कि कई सार्वजनिक बैठकों में, सिद्दीकी ने एआइएमआइएम नेता असदुद्दीन ओवैसी क ी प्रशंसा की है। इसलिए इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं।
एआइएमआइएम पश्चिम बंगाल का काम देख रहे नेता ने कहा, पार्टी वर्ष2021 में बंगाल की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेेगी। पार्टी का एजेंडा बंगाल में मुसलमानों की बेहतरी का होगा।

विवादित बयानों से रहते हैं चर्चा में
फुरफुरा शरीफ के पीरजादा तोहा सिद्दकी के भतीजे अब्बास ने सीएए कानून पास होने के बाद कहा था कि यदि एक महीने के भीतर संशोधित नागरिकता कानून वापस नहीं लिया गया तो वे बंगाल में हांगकांग जैसा आंदोलन खड़ा कर देंगे। वहां लाखों लोगों ने एयरपोर्ट का घेराव कर रखा था। यहां भी वे 20-25 लाख लोगों को साथ लेकर सडक़ों पर शांतिपूर्ण तरीके से उतरेंगे और एयरपोर्ट का घेराव कर देंगे।

भाजपा का तरफदार बताया था ममता ने
अब्बास सिद्दकी का नाम लिए बिना ममता बनर्जी ने उस दौरान सभा में कहा कि कुछ लोग भाजपा की तरफदारी कर रहे हैं। उन्हें वे बताना चाहती हैं कि वे भाजपा की मध्यस्तता करने वालों को नहीं छोड़ेंगी।

Show More
Paritosh Dube Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned