चक्रवाती तूफानः फसल को हुए नुकसान का आकलन को ममता सरकार का नया तरकीब

पश्चिम बंगाल सरकार गत महीने आए चक्रवाती तूफान से फसलों को हुई भारी नुकसान का आकलन करने में जुट गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने अत्याधुनिक तरकीब अपनाया है।

By: Prabhat Kumar Gupta

Published: 26 Jun 2020, 09:38 PM IST

कोलकाता.
पश्चिम बंगाल सरकार गत महीने आए चक्रवाती तूफान से फसलों को हुई भारी नुकसान का आकलन करने में जुट गई है। किसानों के लिए बीमा दावे के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने के मकसद से खराब मौसम के चलते फसल को हुए नुकसान का आकलन करने में इसरो के आंकड़ा संग्रहण प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने का निर्णय किया है। राज्य के कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बारे में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय दूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) के साथ बातचीत कर रहे हैं। इससे खरीफ मौसम के दौरान फसलों को यदि कोई नुकसान होता है तो इसका पता लगाने के लिए वह अपने दूर संवेदी उपग्रह डेटा संग्रहणकर्ता प्रौद्योगिकी को लगा सके।

राज्य के कृषि मंत्री प्रो. आशीष बनर्जी ने बताया कि ‘‘इससे हमें कृषि को हुए नुकसान का जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी। इससे आंकड़ा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड को सौंपा जा सकेगा।’’

कृषि मंत्री ने कहा कि ‘‘पहले कृषि अधिकारियों को क्षति का आकलन करने के लिए खेतों का दौरा करना पड़ता था और वे फसल की स्थिति देखते थे और इसके कारण उन्हें रिपोर्ट तैयार करने में समय लगता था। किसानों को मुआवजे के लिए कई महीने इंतजार करना पड़ता था।’’ उन्होंने कहा कि एनआरएससी की प्रौद्योगिकी आधारित प्रणााली तेजी से और सटीक आंकड़ा संग्रह करना सुनिश्चित करेगी। यह क्षति आकलन रिपोर्ट तैयार करने का पहला और महत्वपूर्ण कदम है।

इस रिपोर्ट को बाद में एग्रीकल्चर इंश्योरंस कंपनी आफ इंडिया लिमिटेड को सौंपा जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें बीमा कंपनी की मंजूरी पहले ही मिल गई है। कुछ दिन पहले बीमा कंपनी और हमारे विभाग के बीच बैठक हुई थी। हमने जिला अधिकारियों से प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा है क्योंकि खरीफ मौसम पहले ही शुरू हो चुका है।’’

Prabhat Kumar Gupta
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