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WEST BENGAL CYCLONE ALERT-जवाद से निपटने के लिए तूफानी तैयारी

बंगाल में अलर्ट, पर्यटकों और मछुआरों पर रोक, एनडीआरएफ की 8 टीमें तैनात,तटीय जिलों समेत हावड़ा-कोलकाता में भी बारिश के आसार,ओडिशा, आंध्र के तट से 4 को टकराने के बाद लेगा चक्रवाती तूफान का रूप

कोलकाता

Published: December 03, 2021 02:28:59 pm

BENGAL WEATHER UPDATE-2021-कोलकाता। पहले ताउते फिर यास चक्रवात के बाद अब जवाद नामक साइक्लोन के तीन दिसंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में विकसित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अलर्ट जारी कर दिया है।मौसम विभाग की गुरूवार की रिपोर्ट के मुताबिक ये तूफान चार दिसंबर को ओडिशा, आंध्रप्रदेश के तट से टकराने के कुछ देर बाद चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। जवाद का केंद्र फिलहाल थाइलैंड है। वहां से अंडमान सागर पार करेगा शुक्रवार शाम तक तटीय इलाकों पर असर होगा। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। इस बीच जवाद के खतरे को देखते हुए बंगाल में एनडीआरएफ की टीमें आठ टीमे तैनात कर दी गई। एनडीआरएफ ने कोलकाता में 2, दक्षिण 24 परगना में 1, उत्तर 24 परगना में 1, पूर्वी मिदनापुर में 1, पश्चिम मिदनापुर में 1, हुगली में 1, नादिया में 1 टीम तैनात की। तूफान के चलते हावड़ा और कोलकाता में भी बारिश के आसार हैं। अलीपुर मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार सुबह से इसका असर दिखना शुरू हो सकता है। इस दिन पूर्व-पश्चिम मेदिनीपुर, दोनों 24 परगना, हावड़ा आदि जिलों में भारी से अति भारी बारिश के आसार हैं। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती हैं।रविवार को असर और बढने के साथ़ कोलकाता, हावड़ा, उत्तर-दक्षिण 24 परगना, पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर जिलों में बेहद भारी बारिश की आशंका है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा हवा की स्पीड रह सकती है।मालदा जिले में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उधर दीघा में चेतावनी जारी करने के सााथ मंदारमणि में शनिवार-रविवार, सोमवार को पर्यटकों के समुद्र में जाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही मछुआरों के शुक्रवार से रविवार तक समुद्र में जाने पर रोक लगा दी गई है।
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WEST BENGAL CYCLONE ALERT-जवाद से निपटने के लिए तूफानी तैयारी
WEST BENGAL CYCLONE ALERT-जवाद से निपटने के लिए तूफानी तैयारी
उधर शालीमार स्टेशन,यार्ड में ट्रेनों के पहिए में बांधी जंजीर
उधर जवाद के खतरे के मद्देनजर गुरुवार को हावड़ा मंडल के शालीमार रेलवे यार्ड में खड़ी ट्रेनों के पहिए को लोहे की जंजीरों से बांध दिया गया। दक्षिण-पूर्व रेलवे ने तूफान के दौरान ट्रेनों को संभावित नुकसान और किसी तरह की दुर्घटना से बचाने के लिए एहतियाती कदम के तहत ऐसा किया। इससे पहले भी आए चक्रवात से पहले ट्रेन के पहियों को लोहे की जंजीरों से बांधा गया था। जब भी तूफान आता है शालीमार स्टेशन और यार्ड में ऐसा किया जाता है।
सऊदी अरब के सुझाव पर रखा नाम जवाद
तूफानों के नामकरण की प्रक्रिया के तहत सऊदी अरब के सुझाव पर इस तूफान का नाम जवाद रखा गया। जवाद एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ होता है उदार। इस लिहाज से कहा जा रहा है कि यह तूफान बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं होने वाला है। ऐसी संभावना जताई गई है कि इससे पहले आए चक्रवातों की अपेक्षा इसका असर आम जनजीवन पर उतना नहीं पडऩे वाला है।

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