लव जिहाद कानून पर क्या बोले अमर्त्य सेन?

  • सेन ने कहा है कि जहां 'लव' है वहां 'जिहाद' नहीं होता। प्यार करना बिलकुल निजी अधिकार है और इसमें...

By: Ashutosh Kumar Singh

Published: 29 Dec 2020, 10:03 PM IST

कोलकाता

विश्वभारती विश्वविद्यालय की जमीन अवैध तरीके से कब्जा करने के आरोप में घिरे नोबेल विजेता अमर्त्य सेन ने अब भाजपा शासित राज्यों में लव जिहाद कानूनों पर विवादास्पद टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि इस तरह का कानून बनाना मानवीय अधिकारों का हनन है और सुप्रीम कोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।एक विदेशी चैनल को दिए साक्षात्कार में सेन ने कहा है कि जहां 'लव' है वहां 'जिहाद' नहीं होता। प्यार करना बिलकुल निजी अधिकार है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। लव जिहाद के नाम पर बन रहे कानून चिंताजनक हैं। लव जिहाद के कानूनों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, यह मानवीय स्वतंत्रता में हस्तक्षेप प्रतीत हो रहा है। जीवन का अधिकार एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता प्राप…
यदि आप किसी अलग धर्म के व्यक्ति से प्रेम विवाह करते हैं तो इसमें कोई 'जिहाद' नहीं हो सकता है। ऐसे धर्म को छोड़ने और दूसरे धर्म को अपनाने में कोई समस्या नहीं है। भारत का अपमान किया जा रहा है। यह भारत की संस्कृति नहीं है। मुझे विश्वास है कि अदालत कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि लव जिहाद जैसे कानून भारत की संस्कृति पर कुठाराघात है और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को तुरंत कदम उठाना चाहिए।
अमर्त्य सेन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एक के बाद एक भाजपा शासित राज्य लव जिहाद के नाम पर धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़े हैं।

Ashutosh Kumar Singh Reporting
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