उत्तर प्रदेश की वह कौन सी पॉलिसी है, जिसके कायल हो गए हैं बंगाली,This policy will implement as soon as possible, If government change

Whic policy of Uttar Pradesh attract Bengali
उत्तर प्रदेश की वह कौन सी पॉलिसी है, जिसके कायल हो गए हैं बंगाली
This policy will implement as soon as possible, If government change
-सत्ता बदलते ही वह पॉलिसी सबसे पहले होगी लागू
-बंगाल भाजपा के दो नेताओं ने कर दी घोषणा
-रीझाने या डराने का यह तरीका किसको ज्यादा है पसंद

By: Krishna Das Parth

Published: 24 Jun 2019, 11:32 PM IST

कृष्णदास पार्थ
पश्चिम बंगाल में इन दिनों uttar pradesh की एक policy किसी को भले न लुभा पाए, लेकिन भाजपा नेताओं को ज्यादा लुभा रही है। पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता यह मानने लगे हैं कि उत्तर प्रदेश की इस पॉलिसी के यहां के लोग भी कायल हैं। तभी तो, अभी से यह घोषणा की जाने लगी है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही उस पॉलिसी को सबसे पहले यहां लागू कर दिया जाएगा। आपको पता है कि उत्तर प्रदेश की वह कौन सी पॉलिसी है, जिसकी चर्चा इन दिनों पश्चिम बंगाल में तेजी से हो रही है। नहीं, तो जान लें। वह है- अपराधियों को सार्वजनिक रूप से पुलिस की गोली से भून देना। यानी कि एनकाउंटर करके मार देना। यह पॉलिसी उत्तर प्रदेश में सबसे कामयाब पॉलिसी मानी जा रही है। यहां भी इसे लागू करने की बात होने लगी है। हालांकि पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव अभी देर है। संभवत: 2021 के मई में चुनाव हो।
लोकसभा चुनाव में 18 सीटें पाने वाली भाजपा के नेताओं को लगने लगा है कि विधानसभा चुनाव होने पर उनकी ही सरकार बनेगी। जाहिर है, जिस तेजी से तृणमूल के छुटभैया नेता और कुछ विधायक दलबदल कर रहे हैं, उससे भाजपाइयों के हौसले काफी बुलंद हैं। उसी को देखते हुए प्रदेश भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने सोमवार को उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति लाने के लिए उपद्रवियों को यूपी मॉडल के तहत घर से बाहर निकालकर मुठभेड़ में मार दिया जाएगा। मालूम हो कि पुलिस-शासित उत्तर प्रदेश में एक से अधिक लोगों की मौत मुठभेड़ में हो गई है।
उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके राज्य भाजपा के महासचिव सातन बसु ने यूपी मॉडल का जिक्र करते हुए कहा किसी भी उपद्रवियों को पकडऩे के लिए छापा नहीं मारा जाएगा। या तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा या मुठभेड़ में उसे मार दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य कोई रास्ता नहीं है। राज्य में किसी भी तरह की शरारत की अनुमति नहीं दी जाएगी
मालूम हो कि सायंतन को इस लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की नुसरत जहान ने हरा दिया था। भाजपा के ही अन्य नेता राजू बंद्योपाध्याय ने भी पुलिस को मुठभेड़ करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस को भ्रष्टियों और कटमनी लेनेवालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। यदि आवश्यक हो तो पुलिस को एनकाउंटर भी कर देना चाहिए।

Krishna Das Parth Desk
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