PM Modi on Durga Puja in Bengal : क्यों मोदी कहे बंगाल में महामारी से भी कम नहीं हुआ दुर्गा पूजा की भव्यता व दिव्यता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुर्गा पूजा को भारत की एकता और पूर्णता का पर्व और कोरोना संकट में दुर्गोत्सव के असीमित उल्लास और आनंद को बंगाल की चेतन करार देते हुए लोगों के संयम दिखाने की प्रशंसा की और कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद दुर्गा पूजा की भव्यता और दिव्यता कम नहीं हुई है। मोदी ने ऐसा क्यों कहा।

By: Manoj Singh

Published: 25 Oct 2020, 12:34 AM IST

लोगों से किया मास्क पहने और सावधानी बरतने की अपील, कहा, दुर्गा पूजा भारत की एकता और पूर्णता का पर्व
कोलकाता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुर्गा पूजा को भारत की एकता और पूर्णता का पर्व और कोरोना संकट में दुर्गोत्सव के असीमित उल्लास और आनंद को बंगाल की चेतन करार देते हुए लोगों के संयम दिखाने की प्रशंसा की और उन्हें कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए मास्क पहनने और दूसरी सावधानियां बरतने का आग्रह किया। क्यों मोदी ने कहा कि कोरोना काल में बंगाल की दुर्गा पूजा की भव्यता और दिव्यता कम नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कहा कि कोरोना संकट के बीच में भी दुर्गा पूजा मनाया जा रहा है और मां दुर्गा के भक्तों और आयोजकों ने अद्भूत संयम दिखाया है। कोरोना का पूजा के आयोजन की संख्या भले ही असर हो, लेकिन इसकी भव्यता और दिव्यता पर कोई असर नहीं है। इसके आयोजन भले ही सीमित हुए हैं, लेकिन इस उत्सव के रंग, उल्लास और आनंद असीमित है। यही बंगाल की पहचान और इसकी चेतना है। यही असली बंगाल है।
इसके साथ ही उन्होंने बंगाल के लोगों से दुर्गा पूजा के साथ आपस में दो गज दूरी बनाए रखने और मास्कर पहने सिहत संक्रमण से बचने के लिए अन्य नियमों का पालन करने आग्रह किया और लोगों की ओर से इसे पूरी निष्ठा के साथ पालन करने की उम्मीद जाहिर की।
वे इस दिन भाजपा की ओर से साल्टलेक के ईजेडसीसी में आओजित मेजबानी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संबोधित कर रहे थे, प्रदेश भाजपा की महिला मोर्चा और पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ने इस साल पहली बार दुर्गा पूजा का आयोजन किया है। प्रधानमंत्री का स्वागत में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं ने बंगाली परंपरा के अनुसार शंख बजाकर किया, जहां केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री बाबुल सुप्रियो और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली की पत्नी डोना गांगुली ने अपनी बेटी सना के साथ नृत्य मंडली के साथ प्रस्तुति दी। भाजपा के बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, अरविंद मेनन और अन्य पर्टी नेता पारंपरिक बंगाली धोती और कुर्ता पहने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
अपने आभासी संबोधन में मोदी ने कहा कि दुर्गा पूजा सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं भारत की एकता और इसकी पूर्णता का भी पर्व है। बंगाल की दुर्गा पूजा भारत की इस पूर्णता को एक नई चमक देती है, नए-नए श्रृंगार देती है। यह बंगाल की जागरूक चेतना, आध्यात्मिकता और इसके ऐतिहासिकता का प्रभाव है।
वे महाषष्ठी के पून्य अवसर पर बंगाल की पवित्र धऱती का नमन करते हैं, जहां से निकले महान ऋषियों और व्यक्तियों ने जब जैसी आवश्यकता पड़ी शस्त्र और शास्त्र, त्याग और तपस्या से मां भारती की सेवा की है। इस कड़ी में उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, चैतन्य महाप्रभु, रवींद्रनाथ टैगोर, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, काजी नज़रुल इस्लाम, सुभाष चंद्र बोस, राजाराम मोहन राय, ईश्वर चंद्र विद्यासागर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कहा कि चेतना, आध्यात्म, विज्ञान और कला-संस्कृति सहित हर क्षेत्र में बंगाल ने देश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। आज के भारत को गढऩे में इसका इतना बड़ा योगदान है और इतने नाम हैं कि सुबह से शाम हो जाएगी लेकिन नाम नहीं खत्म होंगे।

दस पंडालों का किया उद्घाटन
बंगाल के लोगो को आभासी संबोधन के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने दस पूजा पंडालों का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने आयोजकों को एक साथ आभासी संबोधित किया गया। मोदी के आभासी संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया था और उन्हें सुनने और देखने के लिए पूजा पंडालों के अलावा बंगाल के 78 हजार बूथ इलाकों में भी एलईडी स्क्रीन लगाए गए थे।

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