loksabha election 2019: क्यों कोलकाता में पहले से कम हुआ मतदान

loksabha election 2019: क्यों कोलकाता में पहले से कम हुआ मतदान

Manoj Kumar Singh | Publish: May, 20 2019 10:49:08 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

  • किसने ठण्डा कर दिया कोलकाता के मतदाताओं का मतदान करने का जोश
  • मतदान करने में देश का टॉपर महानगर कौन

 

17वें लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल का मतदान प्रतिशत 83.8 रहा, जो देश भर में सर्वाधिक है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में 81.1 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन राजनीतिक तौर से महत्वपूर्ण राज्य की राजधानी के कोलकाता उत्तर में पिछले लोकसभा चुनाव से कम मतदान होना अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

कोलकाता.

17वें लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल का मतदान प्रतिशत 83.8 रहा, जो देश भर में सर्वाधिक है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में 81.1 प्रतिशत मतदान हुआ था। लेकिन राजनीतिक तौर से महत्वपूर्ण राज्य की राजधानी के कोलकाता उत्तर में पिछले लोकसभा चुनाव से कम मतदान होना अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

लोकसभा के सातवें और अंतिम चरण के दौरान 19 मई को राज्य के जिन नौ लोकसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ उसमें कोलकाता उत्तर और कोलकाता दक्षिण भी शामिल था। चुनाव आयोग ने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए लोगों को उत्साहित करने के लिए टैब्लो निकाले, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए प्रचार अभियान चलाया।

बंगाल के लोगों ने मतदान करने का जोश भी दिखाया और चिलचिलाती धूप में मतदान केन्द्रों के सामने लाईन में खड़े हो कर अपने अधिकार का प्रयोग भी किया। नतीजा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में हुए 81.1 प्रतिशत मतदान से अधिक मतदान दर्ज करार कर देश में सबसे आगे रहा।

लेकिन इसके उलट कोलकाता उत्तर लोकसभा क्षेत्र में मतदान बढऩे के बजाए घट गया। इस दिन सुबह से इस क्षेत्र के मतदाताओं ने पूरे जोश दिखाया और सुबह से ही मतदान केन्द्रों में लाईन लगा कर वोट भी दिया। शाम 3 बजे के बाद क्षेत्र में मतदान में अचानक आई गिरावट ने सबके कान खड़े कर दिए।

कोलकाता उत्तर में 1 बजे तक 43.6 फीसदी मतदान हुआ था, जो 3 बजे तक बढक़र 54.9 फीसदी पर पहुंच गया। इसके बाद क्षेत्र के मतदान केन्द्रों सुनसान हो गए। फिर भी मतदान अवधि समाप्त होने तक सिर्फ 65.74 फीसदी ही मतदान हुआ। यानी आखिरी तीन घंटों में सिर्फ 10 फीसदी मतदान हुआ, जबकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कोलकाता उत्तर में 66.65 प्रतिशत हुआ था।

कोलकाता दक्षिण में भी 1 बजे तक करीब 43.8 फीसदी वोटिंग हुई थी, जो 3 बजे तक 15 फीसदी बढक़र 59.6 फीसदी तक जा पहुंची, लेकिन उसके बाद मतदान कुछ देर के लिए थम सा गया, लेकिन अंत में कुल मतदान 69.65 प्रतिशत दर्ज हुआ, जबकि 2014 में इस क्षेत्र में 69.30 फीसदी मतदान हुआ था।
गर्मी ने मतदाताओं के जोश पर लगाया ब्रेक

तीन बजे के बाद मतदान की रफ्तार कम होने से सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ। 3 बजे के बाद अचानक वोटर्स कहां चले गए। मई के महीने में कोलकाता में अधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन 19 मई के दिन कोलकाता में तापमान 40 के आसपास पहुंच गया था। इसके साथ आद्रता जान लेने वाली थी।

चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कोलकाता के मतदाता सुबह-सुबह ही मतदान के लिए बूथ पर पहुंचे और वोट दे दिए, लेकिन दोपहर को गर्मी बढऩे के कारण लोग अपने घरों में बंद हो गए। मौसम विभाग ने भी लोगों को गर्मी से बचने की हिदायत दी थी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि मतदान के कोलकाता में बहुत अधिक गर्मी थी। फिर भी मतदाताओं ने पूरे जोश के साथ मतदान किया। गर्मी के कारण पिछले बार की तुलना में इस बार कोलकाता उत्तर में मामूली कम मतदान हुआ है, लेकिन अगर गर्मी कम होती तो क्षेत्र में और अधिक मतदान होता।

फिर भी कोलकाता टॉपर
भीषण गर्मी के कारण कोलकाता के दो लोकसभा क्षेत्रों में से एक में पिछले बार के मुकाबले भले ही कम मतदान हुआ है। फिर भी मतदान के मायने में यह देश के महानगरों में टॉपर है। देश की राजधानी दिल्ली में 60 फीसदी, मुंबई में 55.1 फीसदी, चेन्नई में 61.9 फीसदी और बेंगलुरु में 55.9 फीसदी वोटिंग हुई है।

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