West Bengal Political War game: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने क्यों ममता पर लगाया नकल करने का आरोप

भाजपा और केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से टकरार के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दशकों पहले पश्चिम बंगाल की श्रेष्टता के बारे में कही गई यह बात बार-बार दोहराती रहती हैं कि जो बात बंगाल आज सोचता है देश उसे कल सोचता है। इसके साथ वे अपनी सरकार की योजनाओं की श्रेष्टता और विशेषताएं भी बताती हैं। लेकिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष अब उन पर नकल करने और उन्हें कोई भी बात देर से समझ में आने का आरोप लगा रहे हैं। अब सवाल है कि क्या सचमुच ममता बनर्जी नकल करती हैं ?

By: Manoj Singh

Published: 20 Jul 2020, 09:54 AM IST

दिलीप घोष ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की सक्रियता पर क्यो उठाया सवाल
कोलकाता
भाजपा और केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से टकरार के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दशकों पहले पश्चिम बंगाल की श्रेष्टता के बारे में कही गई यह बात बार-बार दोहराती रहती हैं कि जो बात बंगाल आज सोचता है देश उसे कल सोचता है। इसके साथ वे अपनी सरकार की योजनाओं की श्रेष्टता और विशेषताएं भी बताती हैं। लेकिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष अब उन पर नकल करने और उन्हें कोई भी बात देर से समझ में आने का आरोप लगा रहे हैं। अब सवाल है कि क्या सचमुच ममता बनर्जी नकल करती हैं और कोई भी बात उन्हें देर से समझ में आती है?

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने आभासी सभा को लेकर रविवार को राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उस पर नकल करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सांसद भतीजे अभिषेक बनर्जी की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए इतने दिनों तक उनके लापता होने कारण पूछा।
इस दिन दिलीप घोष ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस पहले भाजपा की आभासी रैलियों का मजाक उड़ा रही थी। अब खुद ही वह भाजपा का अनुसरण कर आभासी सभा कर रही है। घोष रविवार को इको पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस पर कई आरोप लगाये। तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से आभासी सभा करने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "खोखा बाबू" को वर्चुअल सभा में देखा गया है। बहुत दिन बाद "खोखा बाबू" की वापसी हुई है। वे पिछले चार महीने तक कहां लापता हो गए थे ? अब लोगों की सेवा लगाने के लिए वे पांच लाख वोलेंटियर के जुगाड़ कर रहे हैं। सत्तारूढ़ दल की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि चक्रवाती अम्फान में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से कई परिवार को अभी एक तिरपाल तक नसीब नहीं हुआ है। उन्हें खाना नहीं मिल रहा है। उस समय "खोखा बाबू" उनकी याद नहीं आयी थी। उन्होंने दावा किया भाजपा ने इस दौरान 25 लाख परिवार को चावल-दाल और 20 लाख परिवार को बना हुआ खाना बांटा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस समय भाजपा के कार्यकर्ता राहत सामग्री वितरित करने में लगे हुए थे। उस समय तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता क्या राहत लूटने में व्यस्त थे?

देर से आती है दीदी को समझ
दिलीप घोष ने कहा था कि ममता दीदी को सब कुछ देर से समझ में आती है। जब भाजपा कार्याकर्ता लॉकडाउन और चक्रवात अम्फान की तबाही से तबाह लोगों के घर-घर जाकर चावल दाल पहुंचा रहे थे और लोगों की सेवा कर रहे थे तब तृणमूल कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता का कोई अतापता नहीं था। अब लोगों की सेवा के लिए तृणमूल कांग्रेस वॉलिंटियर खोज रही है। जब पहले भाजपा ने आभासी रैली करना शुरू की तो ममता दीदी हंस रहीं थी और करोड़ों-करोड़ो रुपए खर्च कर आभासी रैली करने का आरोप लगा रही थी। अब तृणमूल कांग्रेस खुद आभासी सभाएं कर रही है। वास्तव में भाजपा को देखकर तृणमूल कांग्रेस सीख रही है।

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Manoj Singh Reporting
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