Shobhan waged war : ममता के खिलाफ लड़ूंगा और जीतूंगा चुनाव- शोभन

Shobhan waged war : ममता के खिलाफ लड़ूंगा और जीतूंगा चुनाव- शोभन

Manoj Kumar Singh | Updated: 20 Aug 2019, 11:18:17 PM (IST) Kolkata, Kolkata, West Bengal, India

कहा, तृणमूल कांग्रेस मुक्त बंगाल बनाने के लिए दे दूंगा जान

दावा, सिर्फ पार्टी बदली है वे नहीं बदले हैं

कोलकाता
तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल कोलकाता के पूर्व मेयर और राज्य के पूर्व मंत्री शोभन चटर्जी चुनावी रण में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। उन्होंने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी बदली है वे नहीं बदले हैं। वे ममता के खिलाफ चनाव लड़ेंगे और जीतेंगे भी।

प्रदेश भाजपा ने कोलकाता स्थित प्रदेश मुख्यालय में शोभन और डॉ. बैशाखी बंद्योपाध्याय को सम्मानित किया। इस दौरान उत्तर कोलकाता के तृणमूल कांग्रेस उपाध्यक्ष शिवाजी सिंघा राय, नदिया जिला के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष असीम साहा कलकत्ता हाई कोर्ट की वकील सुदीपा भट्टाचार्य ने भाजपा का दामन थामा।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष की उपस्थिति में शोभन ने कहा कि उनकी पार्टी बदली है, लेकिन वे नहीं बदले हैं। यदि भाजपा चाहेगी तो वे ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लडऩे को तैयार हैं। वे सिर्फ चुनाव ही नहीं लड़ेंगे, बिल्क चुनाव जीतेंगे भी।
शोभन चटर्जी ने कहा कि दिलीप घोष जो कहेंगे उसका पालन करेंगे। पार्टी के निर्देश पर वे 40 डिग्री तापमान में भी डोरिना क्रॉसिंग पर खड़ा हो कर आंदोलन करेंगे। अब उनका एक मात्र लक्ष्य बंगाल को तृणमूल कांग्रेस मुक्त करना है। इस लक्ष्य प्राप्त करने के लिए वे अपनी जान भी दे देंगे।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों पर सुनियोजित और संगठित तरीके से हिंसक हमला करने में तृणमूल कांग्रेस ने माकपा को भी पीछे छोड़ दिया है। राज्य के अधिकांश बूथों पर तृणमूल कांग्रेस ने साइलेंट किलर की भूमिका निभाई थी और लोगों को मतदान नहीं करने दिया था। लेकिन राज्य में भाजपा कार्यकर्ता जान हथेली पर ले कर सक्रिय हैं। इस लिए पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीती है। अगर लोगों को मतदान करने का मौका मिलता तो राज्य सचिवालय नवान्न से ममता बनर्जी हट जाती।

 

Shobhan waged war : ममता के खिलाफ लड़ूंगा और जीतूंगा चुनाव- शोभन

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की विदायी की घंटी बज गई है। उसका जनाधार खत्म हो गया है और अब तृणमूल को ठेकादार (प्रशान्त किशोर) चला रहा है। अब उसका जाना तय हो गया है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव का दीवार लेखन शुरू हो गया है। उन्होंने दावा किया कि 1998 में अगर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस का साथ नहीं दिया होता तो ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं बनती और तृणमूल कांग्रेस कहीं और होती।

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