ऐसे आप आसानी से पहुंच जाएंगे गंगासागर

पवित्र गंगासागार में यदि आप डुबकी लगाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको सागर तट पहुंचना होगा।

By: Rabindra Rai

Published: 04 Jan 2018, 08:56 PM IST

कोलकाता से सागर तट तक पहुंचने के दो हैं रास्ते
कोलकाता
पवित्र गंगासागार में यदि आप डुबकी लगाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको सागर तट पहुंचना होगा। इसके लिए सबसे पहले आपको हावड़ा तथा सियालदह स्टेशन पहुंचना पड़ेगा। एक मार्ग कोलकाता से काकद्वीप लॉट-8 तक है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इसके लिए पूरी व्यवस्था की है। ज्यादा से ज्यादा सरकारी बसों की व्यवस्था की है। इसके अलावा निजी बसों की सेवा भी उपलब्ध है। रेलवे की ओर से सियालदह दक्षिण शाखा में विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया गया है।
ऐसे पहुंचे ोलकाता से काकद्वीप लॉट-8
-कोलकाता-हावड़ा-सियालदह, आउट्राम, बाबूघाट, धर्मतल्ला से लॉट-8 तक सरकारी या निजी बस से।

- सियालदह दक्षिण शाखा से काकद्वीप रेलवे स्टेशन(दूरी 95 किमी.)। इसके बाद रिक्शा या वैन से लॉट-8 (दूरी 8 किमी.)
-लॉट-8 से जहाज या लांच से मुरीगंगा पार कर कचूबेडिय़ा(किराया-40 रुपए)

-कचूबेडिय़ा से सागर मेला क्षेत्र (निजी/सरकारी बस या कार से)
------------------

सागर तट पर पहुंचने के लिए एक अन्य मार्ग कोलकाता-नामखाना-चेमागुड़ी है।
-बस या कार से नामखाना (दूरी 104 किमी.)

- सियालदह दक्षिण शाखा से नामखाना स्टेशन (लोकल ट्रेन से)-दूरी 109 किमी.
- नाखाना स्टेशन से जेटी घाट

- जेटी से चेमागुड़ी जेटी (किराया 75 रुपए)
- चेमागुड़ी घाट से बस, कार या रिक्शा से सागरमेला बस स्टैण्ड(दूरी 11 किमी.)

-बस स्टैण्ड से मेला परिसर (दूरी एक किमी.) पैदल चलना पड़ेगा।
--------------------------

बसों का किराया-
हावड़ा से नामखाना/लॉट-8- 65 रुपए

-आउट्राम घाट से नामखाना/लॉट-8- 60 रुपए
-कचूबेडिय़ा से सागर (30 रुपए)

------------------------
नि:शुल्क भोजन कराने वाली संस्थाएं-

-इस्कॉन (सडक़ संख्या-5)
-कोलकाता व व्यवसायी समिति (सडक़ 1 पर)

-श्री जगन्नाथ देव सेवा समिति (सडक़-5 पर)
-कलकत्ता श्री कालिका देवी सेवा समिति (सडक़ 3 पर)

- आर्य समाज हावड़ा ट्रस्ट (सडक़ 4 पर)
-श्री शिव शक्ति सेवा समिति (सडक़ 3 पर)

-हावड़ा भारतीय साहू समाज (सडक़ 3 पर)
-बड़ाबाजार व्यापारी संघ (सडक़ 3 पर)

-कलकत्ता व व्यापारी समिति (सडक़ 4 पर)
-श्री श्याम प्रेम मण्डल (नामखाना में)

-

कई संस्थाएं हैं सक्रिय
इसके अलावा कईस्वयंसेवी संस्थाएं महानगर के बाबूघाट सेसागर तट तक सक्रिय हैं।

Rabindra Rai Editorial Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned