इन शिक्षकों ने सरकार पर लगाया आरोप, कहा- हमें गन्ने की तरह चूस कर फेंक दिया गया

इन शिक्षकों ने सरकार पर लगाया आरोप, कहा- हमें गन्ने की तरह चूस कर फेंक दिया गया
इन शिक्षकों ने सरकार पर लगाया आरोप, कहा- हमें गन्ने की तरह चूस कर फेंक दिया गया

Karunakant Chaubey | Updated: 23 Sep 2019, 05:09:56 PM (IST) Kondagaon, Kondagaon, Chhattisgarh, India

हम विद्यामितानों के कारण ही जिले में पिछले कुछ सालों से शिक्षा का स्तर बढ़ा हैं, लेकिन अब हमारे साथ ही भेदभाव किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि, हमें जिला प्रशासन कहीं न कहीं गन्ना समझकर जब तक चूसना था चूस लिया और अब हमें बेरोजगारी का रास्ता दिखाने लगा हैं

कोण्डागांव. जिले में लगातार तीन वर्षों तक विद्यामितान के रूप में अपनी सेवाएं देने वाले युवाओं ने जिले में अतिथि शिक्षकों की नियम विरूद्ध भर्ती किए जाने का मामला उठाया हैं। रविवार की सुबह छत्तीसगढ़ विद्यामितान कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेद्र दास वैष्णव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि, बस्तर व सरगुजा में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए योग्य व प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति भाजपा शासनकाल में विद्यामितान के रूप में की गई थी।

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इसके बाद से यह प्रक्रिया लगातार चली आ रही है, लेकिन इस शिक्षण सत्र में पदनाम में परिवर्तन करते हुए इसे अतिथि शिक्षक की नियुक्ति के संबंध में विज्ञापन जारी किया गया था। लेकिन कोण्डागांव जिले में राज्य शासन से जारी नियम व आदेशों की अवहेलना करते हुए यहां शिक्षकों की नियुक्ति आदेश जारी किया है।

उन्होंने कहा कि, हम विद्यामितानों के कारण ही जिले में पिछले कुछ सालों से शिक्षा का स्तर बढ़ा हैं, लेकिन अब हमारे साथ ही भेदभाव किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि, हमें जिला प्रशासन कहीं न कहीं गन्ना समझकर जब तक चूसना था चूस लिया और अब हमें बेरोजगारी का रास्ता दिखाने लगा हैं जिसका संघ विरोध करता हैं।

स्थानीय को प्राथमिकता दें पर हमें भी मौका मिले

संघ से जुड़े लोगों ने कहा कि, स्थानीय बेरोजगारों को जरूर प्राथमिकता दें, इसका हम विरोध नहीं कर रहे, लेकिन पिछले कुछ सालों से यहां सेवाएं दे रहे हैं । उसका भी ध्यान रखा जाए, हमें भी भर्ती प्रक्रिया की रेस में शामिल करें और हमारी योग्यता और अनुभव का लाभ यहां के छात्र-छात्राओं को देने का मौका दिया जाए।

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संघ के हर्ष साहू व ओपी साहू ने कहा कि, जिले की जो अभी सूची जारी हुई है, उसमें वर्ग एक के लिए स्नातक को लिया गया है । वहीं कई ऐसे लोगों का भी चयन किया गया है जो कि डीएड, बीएड. प्रशिक्षित ही नहीं हैं। जबकि पूर्व में यहां के स्कूलों में तैनात रहे विद्यामितान प्रशिक्षित व विषय विशेषज्ञ भी हैं।

हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा हैं। वे कहते है कि, अब तो हम अपने मूल जिले में भी आवेदन नहीं कर पा रहे, क्योंकि उन जिलों में शासन के आदेश के मुताबिक जो पूर्व में कार्यरत विद्यामितान थे। उन्हें ही प्राथमिकता देते हुए अतिथि शिक्षक के तौर पर नियुक्ति दे दी गई है।

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विद्यामितानों ने कहा कि, पूर्व की भाजपा शासनकाल के दौरान जब हम अपनी मांगो को लेकर राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन कर रहे थे। तब तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस भूपेश बघेल सहित अन्य नेताओं ने हमारे धरना स्थल पहुंचकर हमे विद्यामितानों के संरक्षण व नियमानुसार नियमित भर्ती की प्रक्रिया में सरकार बनते ही कार्रवाई करने की बात कही थी।

लेकिन जिले में चल रही अनिमियतता पर अब तक सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया हैैंं। जिससे हम दो सौ से ज्यादा विद्यामितान अब बेरोजगारी का आलम झेलने को मजबूर हैं। इस मौके पर गणेश्वर साहू, विरेंद्र पटेल, रविकांत पटेल, हेमलता साहू सहित संघ से जुड़े लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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