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छत्तीसगढ़: कोयला खनन में 15 फीसदी की गिरावट, राशनिंग से नॉन पावर सेक्टर परेशान

कालिख: उत्पादन के क्षेत्र में महानदी कोलफील्ड्स ने एसईसीएल को फिर पछाड़ा

 

कोरबा

Published: March 04, 2022 03:13:56 pm

कोरबा। कोयला संकट से जूझ रहे उद्योगों को अभी राहित मिलने की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह कोल इंडिया की साथी कंपनी एसईसीएल का कोयला खनन लगातार पिछडऩा है। फरवरी में कोयला उत्पादन के क्षेत्र में 15.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इससे संयंत्रों को सीमित मात्रा में ही कोयला मिल पा रहा है।

NCL increased coal supply by 16 percent

उत्पादन में आई कमी का असर प्रदेश के नॉन पॉवर सेक्टर पर आगे भी जारी रहेगा। इसकी बड़ी वजह कोयला खदानों के समक्ष खनन के लिए जमीन की कमी बताई जा रही है। यह स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो पहले से कोयले की कमी से जूझ रहे नॉन पॉवर सेक्टर की स्थिति और खराब हो सकती है।

लक्ष्य से 25 फीसदी कम उत्पादन
कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी एसईसीएल ने फरवरी में मेगा प्रोजेक्ट गेवरा, दीपका और कुसमुंडा के अलावा अन्य खदानों से 20 मिलियन टन से अधिक कोयला खनन का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन फरवरी के 28 दिन में कंपनी ने 15.2 मिलियन टन कोयला खनन किया। जबकि पिछले साल फरवरी में 17.9 मिलियन टन कोयला खनन किया गया था। पिछले साल फरवरी की तुलना में इस साल फरवरी में 2.7 मिलियन टन कम कोयला खनन किया गया है। खनन में सर्वाधिक गिरावट मेगा प्रोजेक्ट गेवरा और कुसमुंडा में दर्ज की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में एसईसीएल के समक्ष 150 मिलियन टन कोयला खनन का लक्ष्य है। निर्धारित लक्ष्य का पीछा करते हुए कंपनी 11 माह में 121.9 मिलियन टन कोयला खदान से निकाल सकी है। कंपनी के पास 28 दिन का समय शेष है। इस अवधि में 28.1 मिलियन टन कोयला निकालने की चुनौती है।

पुराने स्टॉक से 20 मिलियन टन कोयला बाहर आया
कोयला खनन में गिरावट के असर से उद्योगों को बचाने के लिए कंपनी ने पुराने स्टॉक से 20 मिलियन टन कोयला बाहर निकाला है। रेल और सड़क मार्ग के जरिए अलग-अलग स्थानों पर भेजा है। हालांकि इसके बाद भी नॉन पॉवर सेक्टर के उद्योग जैसे स्टील, स्पंज आयरन, लौह अयस्क और अन्य को कोयले की आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। वहीं एसईसीएल का दावा है कि पुराने स्टॉक को बाहर निकालने से कंपनी ने चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी तक 124.5 मिलियन टन कोयला बाहर भेजा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी इस वर्ष सबसे अधिक कोयले का डिस्पैच करेगी। कंपनी की ओर से बताया गया है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष विद्युत संयंत्रों को 25 प्रतिशत अधिक कोयला दिया है ताकि पॉवर प्लांटों में ईंधन की कमी नहीं हो सके। पिछले साल मुकाबले रेल वैगन लोडिंग के जरिए भेजे जाने वाले रैक में भी 13.4 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

150 एमटी कोयला खनन के साथ एमसीएल शीर्ष पर
कोयला खनन के मामले में महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने इस साल एसईसीएल को पछाड़ दिया है। कंपनी ने फरवरी 2022 तक 150 मिलियन टन कोयला खनन किया है। इसके साथ ही महानदी कोल फिल्ड लिमिटेड कोयला उत्पादन के मामले में शीर्ष स्थान पर बरकरार है। जबकि ईस्टर्न कोल फिल्ड के खनन में 27 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

किस कंपनी ने कितना खनन किया
एमसीएल 150.6

एसईसीएल 121.9
एनसीएल 109.9

सीसीएल 57.6
डब्ल्यूसीएल 47.4

ईसीएल 28.3
बीसीसीएल 26.4

(आंकड़े मिलियन टन में)
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