एसईसीईएल और एसीबी इंडिया से जुड़ी कंपनियों ने दिया जबाव

15 जून को प्रदेश सरकार(State government) की केन्द्रीय उडऩदस्ता टीम(Central Flying Team) ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर एसईसीएल(SECL) की दीपका खदान और इसके आसपास स्थित एसीबी इंडिया सहित अन्य कंपनियों के कोलवॉशरी की जांच की थी

By: Vasudev Yadav

Published: 01 Jul 2019, 08:29 PM IST

कोरबा. एसईसीएल(SECL) और एसीबी इंडिया(ACB India) से जुड़ी सभी कंपनियों ने प्रशासन की ओर से जारी किए नोटिस का जवाब दिया है। इसकी पुष्टि खनिज विभाग(Mineral department) ने की है। प्रशासन कंपनियों के जवाब का कानून की मापदंड पर परीक्षण कर रहा है।
15 जून को प्रदेश सरकार की केन्द्रीय उडऩदस्ता टीम ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर एसईसीएल की दीपका खदान और इसके आसपास स्थित एसीबी इंडिया सहित अन्य कंपनियों के कोलवॉशरी की जांच की थी। स्पेक्ट्रम कोल वॉशरी, एसीबी इंडिया की गेवरा कोल वॉशरी और चाकाबुड़ा कोलवॉशरी में स्वीकृत क्षमता से छह लाख 84 हजार टन अधिक कोयला मिला था। इस पर खनिज विभाग की ओर से एसीबी इंडिया से जुड़ी कोलवॉशरियों को नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा था। नोटिस की मियाद 15 तक के लिए बढ़ाई गई थी। खनिज विभाग का कहना है कि नोटिस का जवाब सभी कंपनियों ने दिया है। इसका परीक्षण किया जा रहा है।

दीपका का कांटाघर अभी भी सील
टीम ने दीपका खदान के तौल कांटा 16 में गड़बड़ी पकड़ी थी। इसे सील कर दिया था। सील अभी भी नहीं खोला गया। इस मसले पर माइनिंग विभाग ने दीपका प्रबंधन को नोटिस देकर जवाब मांगा था। कंपनी ने जवाब दायर की है। इसपर माइनिंग विभाग संतुष्ट नहीं है। विभाग कानूनी कार्रवाई कराने की तैयारी में है।

10 से 12 गाडिय़ों को छोड़ा
कार्रवाई दौरान टीम ने बिना ट्रांजिट पास खदान से कोयला परिवहन करते ३९ गाडिय़ों को पकड़ा था। इसमें से १० से १२ गाडिय़ों को प्रशासन ने छोड़ा है। शेष गाडिय़ां हरदीबाजार चौकी में खड़ी हैं।

वर्जन
21 जून को नोटिस जारी किया गया था। एसीबी इंडिया से जुड़ी सभी कोलवॉशरी सहित अन्य कंपनियों ने जवाब दिया है। इसका परीक्षण किया जा रहा है।
एनएल सोनकर उप संचालक खनिज, कोरबा

Vasudev Yadav
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