छत्तीसगढ़ के इस जिले में 3 दिन में 36 कबूतरों की मौत, जांच में पहुंची डॉक्टरों की टीम

- ब्लड फ्लू की आशंका को देखते हुए तत्काल की गई तस्दीक
- जांच में सामान्य मौत होना पाया गया

By: Ashish Gupta

Published: 09 Jan 2021, 09:52 AM IST

कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर में एक घर में पाले गए 36 कबूतरों (Pigeons killed in Korba) की मौत से पशु चिकित्सा विभाग सकते में आ गया। मौके पर डॉक्टरों की टीम पहुंची, तस्दीक करने पर पाया गया कि मौत सामान्य थी, ब्लड फ्लू के किसी प्रकार के लक्षण नहीं पाए गए। विभाग ने सैंपल लेकर रायपुर भेज दिया है।

Job: युवाओं के लिए जॉब का सुनहरा मौका, 8 हजार से अधिक पदों पर की जाएगी भर्ती

कोरबा के एसईसीएल कॉलोनी सुभाष ब्लॉक में रहने वाले बबलू मारवाह ने काफी समय से अपने घर में कबूतर पाल रखे हैं। इनकी संख्या वर्तमान में सैकड़ों में है । इसी में से 36 कबूतर बारी बारी से मर गए। इससे वह सकते में आ गया। इस बारे में बबलू ने पशु चिकित्सा विभाग को सूचित किया।

वेटरनरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर सोहन सिंह गुर्जर और उनके सहयोगी हितेंद्र सोनी मौके पर पहुंचे जरूरी जांच की। इसमें पाया गया कि कबूतरों की मौत के पीछे बर्ड फ्लू (Bird Flu) जैसा लक्षण नहीं है और ना ही कोई कारण। सामान्य तौर पर बर्ड फ्लू में पक्षियों के आंख और नाक से पानी आने और मलद्वार में सूजन होने सहित पंखों के झड़ने की स्थिति निर्मित होती है।

पुलिस को देखते ही भागने लगा यह शख्स, जब ली गई तलाशी तो मिले 10 लाख के 400 नग हीरे

इस मामले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। विभाग ने माना कि विटामिन सी की कमी से 36 कबूतरों की मौत हुई है। बर्ड फ्लू के मद्देनजर विभाग ने पक्षी पालकों से कहा है कि अगर पक्षियों के मुंह और आंख से पानी आने जैसी समस्या नजर आए तो जल्द इसकी जानकारी विभाग को दें। इसके अलावा पक्षियों की मौत होने पर भी अवगत कराया जाए। ऐसा करने से समय पर नियंत्रण किया जाना संभव होगा।

Show More
Ashish Gupta Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned