कांग्रेस नेता विकास सिंह पर महिला ने बुरी नीयत रखने का लगाया आरोप, गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज

कांग्रेसी नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई जारी, विकास सिंह पर हुई कार्रवाइ से कांग्रेसी परेशान, इसके अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पिछले दिनों की गई है कार्रवाई

By: Vasudev Yadav

Updated: 24 May 2020, 05:12 PM IST

कोरबा. कांग्रेस नेता विकास सिंह के खिलाफ एक महिला पर बुरी नीयत रखने का केस दीपका थाने में दर्ज किया गया है। दीपका थानेदार हरिशचन्द्र टांडेकर ने बताया कि 49 वर्षीय महिला की रिपोर्ट पर विकास के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (क)(1) 2, 354(घ), 506, 509 (ख) के तहत केस दर्ज किया गया है। इसकी जांच की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि पीडि़त महिला ने पूर्व में विकास सिंह पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इस मामले में विकास के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पीडि़ता के हॉस्टाइल होने पर विकास सिंह दोष मुक्त हो गए थे। कोर्ट ने महिला को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। अब पीडि़त महिला ने विकास सिंह पर आरोप लगाया है कि पेशी दिनांक को उसके पति को अपहरण कर लिया गया था। मजबूर होकर उसने (महिला) बयान बदल दिया था। इस मामले में महिला ने 12 मई 2020 को एसपी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। महिला की शिकायत पर पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है।

विकास को पुलिस ने गुंडा सूची में किया शामिल
विकास सिंह के नाम को पुलिस ने गुंडा सूची में शामिल किया है। पुलिस ने बताया कि विकास के खिलाफ अलग-अलग थाने में छह मामले दर्ज हैं। इसमें पांच केस कोतवाली और एक केस दर्री थाने में है। विकास पर रास्ता रोककर मारपीट, बलवा, आम्र्स एक्ट के तहत केस दर्ज है।

कांग्रेसी नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई
हाल के दिनों में कांग्रेसी नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसके पहले पुलिस ने रंगदारी टैक्स वसूली के आरोप में बालकोनगर रिसदी निवासी तौकीर अहमद के खिलाफ केस दर्ज किया था। कांग्रेसी नेता व पार्षद अमरजीत के खिलाफ भी पुलिस एसईसीएल कुसमुंडा के एक अफसर को धमकाने का केस दर्ज किया है। विकास सिंह पर हुई कार्रवाइ से कांग्रेसी परेशान हैं। इसके अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी पिछले दिनों कार्रवाई की गई है।

विकास ने कहा झूठा केस बना रही पुलिस
इधर, विकास सिंह ने कहा कि पुलिस उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज कर रही है। कहा कि वर्ष 2010- 11 में निर्णय हो गया था। तब प्रार्थिया ने कोर्ट में कहा था कि वह शादी करना चाहती थी। इसलिए केस दर्ज कराई थी। महिला ने घटना के तत्काल बाद थाने में अपने पति के अपहरण की शिकायत दर्ज नहीं कराई। वह नौ दस साल तक शांत रही फिर अचानक केस दर्ज कराना और पुलिस की तत्पर कार्रवाई समझ से परे हैं। 13- 14 मई की दरम्यानी रात मेरी प्रार्थिया से कोई बात नहीं हुई है। पुलिस कॉल डिटेल निकाल सकती है।

Vasudev Yadav
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