पिछले साल लापता 22 बच्चों को नहीं खोज सकी पुलिस, इस वर्ष भी 18 गायब, परिवार को बेसब्री से उनके घर लौटने का इंतजार

पिछले साल लापता 22 बच्चों को नहीं खोज सकी पुलिस, इस वर्ष भी 18 गायब, परिवार को बेसब्री से उनके घर लौटने का इंतजार

Vasudev Yadav | Publish: May, 17 2019 09:25:56 PM (IST) | Updated: May, 17 2019 09:25:57 PM (IST) Korba, Korba, Chhattisgarh, India

- नाबालिगों के घर छोड़कर भागने की घटनाओं से पुलिस परेशान - परिवार से भी ले रही मदद

कोरबा. पढऩे लिखने की उम्र में घर छोड़कर भागने की घटनाओं से पुलिस परेशान है। परिवार के साथ मिलकर लापता बच्चों की तलाश कर रही है। लापता बच्चों में बालिकाओं की संख्या बालको से अधिक है। वर्ष 2018 में जिले की अलग अलग थाना क्षेत्रों से 124 बालक बालिकाएं लापता हुए थे। इसमें 94 बालिकाएं और 30 बालक थे। पुलिस ने खोजबीन करके 18 वर्ष से कम 21 लड़कों को सुरक्षा घर लौटा दिया था। 81 लड़कियों को भी अलग-अलग स्थान पर पहुंचकर बरामद किया था, लेकिन 22 लड़के और लड़कियां आज भी घर नहीं पहुंची हैं। परिवार को बेसब्री से उनके घर लौटने का इंतजार है।

इस साल भी जनवरी से अभी तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 51 बच्चे लापता हुए हैं। पुलिस अलग अलग स्थान से 36 बालक बालिकाओं को बरामद किया है। इसमें 28 बालिकाएं और आठ बालक हैं। अभी तक 16 बालक बालिकाएं पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस साइबर सेल व परिवार के साथ मिलकर पतासाजी कर रही है। सूचना पर पुलिस टीम बनाकर अलग-अलग स्थान पर भेज रही है।

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20 नाबालिग पहले से लापता
वर्ष 2005 से 2017 तक ढेरों बालक-बालिकाओं ने घर छोड़ा। पुलिस ने परिवार के साथ मिलकर अधिकांश बच्चों को सुरक्षित बरामद कर घर लौटा दिया, लेकिन 20 ऐसे लड़के लड़कियां हैं, जो आज तक घर नहीं लौटे। ये बच्चे कहां गए? इसकी जानकारी न तो पुलिस को है, न ही परिवार को। लेकिन इनके मिलने की आस अभी भी परिवार ने नहीं छोड़ी है। इनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट अलग अलग थानों में दर्ज है। पतासाजी के लिए पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान चालू किया था। इसके तहत पुलिस लापता बच्चों के परिवार के घर पहुंची। बच्चों के संबंध में जानकारी जुटाई। लेकिन परिवार से भी ज्यादा मदद नहीं मिली। जिले की अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 20 अव्यस्क बच्चे लापता हैं। इसमें 11 लड़कियां और 09 लड़के हैं। पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता बच्चों की खोजबीन की गई थी, लेकिन कुछ बच्चे पुलिस को नहीं मिले थे।

माता-पिता की फटकार और प्रेम प्रसंग बन रहा कारण
लापता बच्चों की तलाश में जुटे अफसरों का कहना है कि कोरबा जिले से लापता बच्चों से संबंधित मामला घर छोड़कर मर्जी से जाने का है। किसी बच्चे का अपहरण नहीं हुआ है। घर छोडऩे वालों में सबसे अधिक लड़कियां हैं। प्रेम प्रसंग में फंस कम उम्र में घर त्याग दिया है। कुछ लड़के और लड़कियां माता पिता की फटकार से डर कर भी भागे हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

- नाबालिग के लापता होने पर पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर जांच कर करती है। पिछले साल लापता हुए २२ नाबालिग की पतासाजी जारी है। इस साल भी कुछ लड़के लड़कियां लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है- जय प्रकाश बढ़ई, एएसपी, कोरबा

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