सैकड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि से खिलवाड़, 17 हजार गलत ट्रांजेक्शन को कोषालय विभाग ने पकड़ा, पढि़ए पूरी खबर...

सैकड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि से खिलवाड़, 17 हजार गलत ट्रांजेक्शन को कोषालय विभाग ने पकड़ा, पढि़ए पूरी खबर...

Shiv Singh | Publish: Sep, 06 2018 10:41:35 AM (IST) Korba, Chhattisgarh, India

सैकड़ों कर्मचारियों का कई साल से पैसा उनके खाते में जमा ही नहीं हो रहा था, कर्मचारियों ने इसकी पड़ताल की तो उनके खाते में बहुत कम राशि दिखी।

कोरबा. जिले के कई विभागों के डीडीओ की लापरवाही की वजह से सैकड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि के खाते में रकम जमा नहीं हो रही थी। लगभग ८ से १० साल से डीडीओ हर महीने कर्मचारियों के खाते से पैसे काट रहे थे, ऐसे लगभग १७ हजार गलत ट्रांजेक्शन को कोषालय विभाग ने पकड़ा है। विभाग ने अब उन सभी कर्मचारियों के सही खाते में कुल १ करोड़ ७२ लाख रूपए जमा कराया है।

विभागों में बैठे हेड क्लर्क जो कि डीडीओ का काम संभाल रहे हैं। इतने अधिक लापरवाहीपूर्वक काम कर रहे हैं कि सैकड़ों कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि ही गोलमोल हो रही थी। दरअसल हर महीने कर्मचारी के खाते से एक निश्चित राशि जीपीएफ खाते में जमा होती है।

अगर किसी कर्मचारी का जीपीएफ खाता दस्तावेजों में गलत दर्ज कर भेज दिया गया है। तो वह राशि कर्मचारी के जीपीएफ खाते की बजाय महालेखाकार के एक अलग खाते में जमा होती रहती है। सैकड़ों कर्मचारियों का कई साल से पैसा उनके खाते में जमा ही नहीं हो रहा था। जब कई कर्मचारियों ने इसकी पड़ताल की तो उनके खाते में बहुत कम राशि दिखी। इसकी शिकायत की गई। ऐसे लगभग सैकड़ों मामले सामने आ गए। विभाग ने जब ऐसे ट्रांजेक्शन की जांच कराई तो १७ हजार ट्रांजेक्शन गलत पाए गए। कोषालय विभाग ने सभी १७ हजार ट्रांजेक्शन की रकम १.७२ करोड़ को अब वापस से कर्मचारियों के सही खाते में जमा कराया है।

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खुलासे से कर्मचारियों में मचा हड़कंप
यह मामले सामने के आने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कर्मचारी सवाल उठा रहे हैं कि इतने सारे लोगों के खाते में एक साथ गड़बड़ी आखिर कैसे हो गई। औसतन दो सौ से अधिक कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में राशि जमा नहीं हो रही थी। इधर और भी कई कर्मचारी अब अपने खाते में रकम की जांच करवा रहे हैं कि आखिरकार विभाग के डीडीओ इस तरह की लापरवाही कैसे अंजाम दे रहे थे। हालांकि अब तक डीडीओ पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई है।
89 लोगों से 46.12 लाख की वसूली
इधर विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल जीपीएफ खाते में कम रकम होने के बाद अधिक राशि निकालने वालों के खिलाफ भी वसूली की कार्रवाई विभाग ने की है। जिले के ऐसे ८९ कर्मचारी थे जिनके खाते में कम पैसे थे लेकिन उन्होंने अपने डीडीओ के साथ सांठगांठ कर अधिक राशि निकलवा ली थी। इन कर्मचारियों के वेतन से अब हर महीने ८ से १० हजार रूपए काटे जा रहे हैं। अब तक ४६.१२ लाख रूपए विभाग ने वसूल लिए हैं।

दस्तावेजों पर आंख मूंद कर हस्ताक्षर करते हैं डीडीओ बने अफसर
अलग-अलग विभागों के डीडीओ द्वारा कर्मचारियों के जीपीएफ फंड से लेकर पेंशन की फाइल तक को वरिष्ठ अफसर आंखे मूंद कर हस्ताक्षर कर रहे हैं। फाइलों की तस्दीक तक नहीं की जाती है। कई डीडीओ तो ऐसे थे जो कि रिटायरमेंट तक हो चुके हैं। उन जगहों पर पुरानी रिकार्ड खोजने में काफी परेशान होनेा पड़ा था। सबसे अधिक गड़बड़ी शिक्षकों व विभिन्न विभागों के सहायक गे्रड तीन के साथ इस तरह की गड़बड़ी हुई है।

-हर महीने कर्मचारियों के खाते से कट कर राशि उनके भविष्य निधि के खातों में जमा होता है, लेकिन डीडीओ द्वारा गलत खाते नंबर देने की वजह से राशि जमा नहीं हो रही थी। ऐसे १७ हजार गलत ट्रांजेक्शन की राशि को विभाग ने मूल खातों में समायोजन कराया गया है। जीएस जागृति, जिला कोषालय अधिकारी कोरबा

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