Chhattisgarh Unique Story : ये कैसी विडंबना, जहां एशिया की बड़ी खदान वहां माइनिंग स्कूल की नींव तक नहीं खोद सके रहनुमा

-अभी तक जो भी सांसद बने वो माइनिंग स्कूल के सवाल पर यह तो जरूर कहते हैं कि मामला उठाया था पर...

By: Vasudev Yadav

Updated: 04 Apr 2019, 12:21 PM IST

कोरबा. कितनी हैरान करने वाली बात है कि जहां एशिया की सबसे बड़ी माइनिंग है वहां पर एक माइनिंग स्कूल तक नहीं खुल सका। अभी तक जो भी सांसद बने वो माइनिंग स्कूल के सवाल पर यह तो जरूर कहते हैं कि मामला उठाया था पर कितने कामयाब हुए, क्यों नहीं खुल सका माइनिंग स्कूल इसका जवाब वो नहीं दे पाते हैं। २००९ के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार रहे चरणदास महंत ने सांसद बनने पर कोरबा में माइनिंग कॉलेज खोलने का आश्वासन दिया था। मंहत मनमोहन सिंह की सरकार में सांसद से केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री बन गए।

माइनिंग कॉलेज के लिए सांसद में सवाल उठाए। बतौर सांसद महंत के पांच साल पूरे गए। कोरबा माइनिंग कॉलेज की स्थापना नहीं हुई। २०१४ की लोकसभा चुनाव में महंत हार गए। इस सीट पर भाजपा के डा. बंशीलाल महतो सांसद चुने गए। डॉ. महतो ने भी कोरबा में माइनिंग कॉलेज खोलने का चुनावी वादा मतदाता से किया था। बतौर सांसद महतो के पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया। वे भी माइनिंग कॉलेज नहीं खुलवा सके। इस स्थिति में जब कि केन्द्र में भाजपा की सरकार है।

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पॉलीटेक्निक कॉलेज माइनिंग में डिप्लोमा नहीं
माइंनिग कॉलेज का चुनावी वादा करके नेता संसद तक पहुंचे। युवा मतदाताओं ने वादों पर वोट किया। लेकिन विजेता प्रत्याशी खरे नहीं उतरे। पॉलीटेक्निक कॉलेज में माइनिंग में डिप्लोमा चालू कराने निर्वाचित सांसदों ने कोशिश नहीं की।

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11 खदान कोरबा में और खनन शिक्षा के संस्थान नहीं
कोरबा कोलफिल्ड में डेढ़ दर्जन से अधिक कोयला खदानें हैं। कोरबा में एरिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा स्थित है। उत्पादन क्षमता के आधार पर दीपका और कुसमुंडा एसईसीएल की मेगा प्रोजेक्ट है। समाप्त हुए वित्तीय कोरबा कोल फिल्ड से १३४ मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया गया है। इसके बाद भी माइिनंग की पढ़ाई के लिए शिक्षण संस्थान का नहीं होना निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की उदासीनता को बताता है।

दूर होती बेरोजगारी
कोरबा में माइिनंग कॉलेज खोलने को लेकर सरकार और सांसद गंभीर होते तो कई युवाओं को कोयला खदानों में रोजगारी मिला होता। माइनिंग की पढ़ाई के लिए रायपुर जगदलपुर या मध्य प्रदेश या ओडिशा नहीं जाना पड़ता।

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