लिपिकों की बेमियादी हड़ताल से प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें, दफ्तरों में कामकाज रहा ठप

लिपिकों की बेमियादी हड़ताल से प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें, दफ्तरों में कामकाज रहा ठप

Shiv Singh | Publish: Sep, 07 2018 07:14:23 PM (IST) Korba, Chhattisgarh, India

-अपनी मांगों के समर्थन में की नारेबाजी

कोरबा. चुनावी तैयारियों के बीच लिपिकों की बेमियादी हड़ताल ने शासन प्रशासन के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। हड़ताल से प्रशासन के सभी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक असर आयोग की चुनावी तैयारी पर पड़ा है। वेतन बढ़ोत्तरी सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश भर के लिपिक शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल पर चले गए। निगम कार्यालय साकेत भवन के पास तानसेन चौक पर लिपिक धरने पर बैठ गए। अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे।

सभा को लिपिक संघ के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। बताया कि वेतन बढ़ोत्तरी सहित कई पुरानी मांग सरकार के समक्ष विचाराधीन है। इस पर सरकार गंभीर नहीं है। संघ की ओर सभा में बताया गया कि मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के दौरान विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था।

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कई माह गुजर गए, लेकिन सरकार ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई। उनकी प्रमुख मांग राजस्थान के सरकार के सामान लिपिकों का ग्रेड पे निर्र्धारित करने को लेकर है। धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लिपिक संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। हड़ताल में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में अधिक देखी गई। कर्मियों का कहना है कि जब तक सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है हड़ताल पर डटे रहेंगे।

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दफ्तर में सन्नाटा
लिपिकों की हड़ताल से दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम से कलेक्टोरेट पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा। उनकी फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए दफ्तर में बाबू नहीं थे। हड़ताल का सबसे अधिक असर निर्वाचन से जुड़े कार्य पर पड़ा है। गुरुवार का निर्वाचन कार्यालय खुला। लेकिन निर्वाचन से संबंधित अधिकतर कार्य ठप रहे।

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