सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ को सीएम ने माना गंभीर, कहा-17 लोगों की हत्या से बड़ी कोई घटना नहीं हो सकती, ये भी कहा...

CM Bhupesh Baghel: सारकेगुड़ा फर्जी मुठभेड़ को सीएम भूपेश बघेल ने गंभीर बताया है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही है।

By: Vasudev Yadav

Published: 03 Dec 2019, 06:19 PM IST

कोरबा. बीजापुर के सारकेगुड़ा में 28 जून 2012 को फर्जी मुठभेड़ को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंभीर माना है। उन्होंने कहा है कि 17 लोगों की हत्या से बड़ी कोई घटना नहीं हो सकती। आयोग की रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष के पास है। इसका परीक्षण कराया जा रहा है। तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत व राजस्व मंत्री मंगलवार को डॉ. बंशीलाल महतो के दशगात्र कार्यक्रम में कोरबा पहुंचे थे।

बालको नगर दोंदरो के हेलीपेड पर मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सारकेगुड़ा मुठभेड़ के बाद प्रदेश के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल ने घटनास्थल का दौरा किया था। जब घटना हुई थी तब भाजपा की सरकार थी। तत्कालीन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की और अब रिपोर्ट पर सवाल उठा रही है। सरकार आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण करा रही है। दोषियों के खिलाफ परीक्षण करा रही है। 17 लोगों की हत्या से बड़ी कोई घटना नहीं हो सकती। मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी। चर्चा के दौरान हेलीपेड पर विधानसभा अध्यक्ष, डॉ. चरणदास महंत, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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लेमरू एलीफेंट कॉरिडोर के लिए बजट में प्रावधान
मुख्यमंत्री बघेल ने लेमरू कॉरिडोर से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने बजट में इसका प्रावधान किया है। जल्द ही इस पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मामला गंभीर नहीं होता तो कमेटी क्यों बनती : डॉ. रमन
इधर सारकेगुड़ा पर चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि 2012 में घटना के बाद सरकार ने जांच के लिए कमेटी बनाई थी। मामला गंभीर नहीं होता तो कमेटी क्यों बनती। अब सरकार को रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई करनी है, इसका निर्णय सरकार करना है। उन्होंने कहा कि सारकेगुड़ा की घटना की जांच कर रहा आयोग ने एक माह पहले सरकार को रिपोर्ट सौंप दी थी। विधानसभा सत्र के बीच यह रिपोर्ट मीडिया में लीक हुई। यह विधानसभा की अवमानना है। रिपोर्ट लीक होने की जांच होनी चाहिए। आयोग की ओर से रिपोर्ट सरकार को दी गई है। इस पर आगे की कार्रवाई करना सरकार पर निर्भर है।

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